#हरदोई:- पिहानी- नेपाल त्रासदी 39 फीट पानी में समा गए पिहानी के चाचा- भतीजा#
#हरदोई:- पिहानी- के नेपाल त्रासदी में 39 फीट पानी में समा गए पिहानी के चाचा- भतीजा#
#नेपाल बाढ़ में पपेंद्र और ऋषिपाल का अब तक नहीं मिला सुराग, मौत की आशंका से सहमे परिजन; घर पर सैकड़ों लोगों का लगा तांता#
#हरदोई: पिहानी- क्षेत्रीय कार्यालय विशेष संवाददाता - नवनीत कुमार 'राम जी#
#नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने पिहानी के अहेमी गांव के झाला निवासी चाचा-भतीजे पपेंद्र सिंह और ऋषिपाल सिंह के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। दोनों युवक नेपाल के अपर त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट-वन में काम करते थे। 25 अगस्त को परिजनों से आखिरी बातचीत के बाद दोनों से संपर्क टूट गया। कई दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। परिजन दिन-रात उनकी सकुशल वापसी की आस लगाए बैठे हैं#
#बताया जा रहा है कि नेपाल में बाढ़ के दौरान करीब 39 फीट पानी भरने की स्थिति बनी थी। इसी कारण परिजनों को आशंका है कि दोनों युवक बाढ़ के पानी में बह गए होंगे। हालांकि अभी तक दोनों के शव बरामद नहीं हुए हैं और न ही उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है। ऐसे में परिवार उम्मीद और आशंका के बीच जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है#
#रो-रोकर बेहाल हैं परिजन#
#पपेंद्र और ऋषिपाल के घरों में मातम जैसा माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर मोबाइल की घंटी पर परिवार की निगाहें टिक जाती हैं। उम्मीद रहती है कि शायद नेपाल से दोनों की कुशलता की खबर आए, लेकिन अभी तक कोई राहत भरी सूचना नहीं मिली है#
#सिख समुदाय के सैकड़ों लोग पहुंचे, बंधाया ढांढस#
#दोनों युवकों के लापता होने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। समाजसेवी जोगराज सिंहके साथ रणजीत सिंह राणा, बबलू पाल, हरजिंदर सिंह, चंदा सिंह, राजू सिंह समेत सिख समुदाय के सैकड़ों लोग परिवार के घर पहुंचे और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। रिश्तेदारों, परिचितों और ग्रामीणों के आने-जाने का सिलसिला लगातार जारी है#
#घर पहुंचे लोगों ने परिवार से घटना की जानकारी ली और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पूरे माहौल में एक ही सवाल गूंज रहा है—आखिर पपेंद्र और ऋषिपाल कहां हैं#
#हर चेहरे पर एक ही सवाल, कब आएगी खबर#
#परिवार के लोगों की निगाहें नेपाल में चल रहे तलाश एवं बचाव अभियान पर टिकी हैं। कुछ रिश्तेदार नेपाल पहुंचकर भी अपने स्तर से दोनों की तलाश और जानकारी जुटाने में लगे हैं। पिहानी में परिवार और सैकड़ों ग्रामीण लगातार किसी सकारात्मक सूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं#
#अभी तक दोनों का शव बरामद नहीं हुआ है, इसलिए मौत की पुष्टि नहीं हुई है। परिवार की आखिरी उम्मीद यही है कि दोनों सुरक्षित हों और जल्द ही उनकी सकुशल वापसी की खबर मिले#

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