#हरदोई:- गावो विश्वस्य मातर हमारे ऋषि मुनियों ने गहन चिंतन के बाद यह उद्घघोष किया है। किंतु आज योजना बध्द तरीके से गोवंश को समाप्त किया जा रहा है#
#हरदोई:- गावो विश्वस्य मातर हमारे ऋषि मुनियों ने गहन चिंतन के बाद यह उद्घघोष किया है। किंतु आज योजना बध्द तरीके से गोवंश को समाप्त किया जा रहा है#
#हरदोई: गावो विश्वस्य मातर हमारे ऋषि मुनियों ने गहन चिंतन के बाद यह उद्घघोष किया है। किंतु आज योजना बध्द तरीके से गोवंश को समाप्त किया जा रहा है। यह कृत्य अत्यंत घृणित व संपूर्ण सृष्टि के लिए विनाशकारी है। अगर हम अभी सावधान नहीं हुई तो भविष्य में पश्चाताप के अलावा कुछ नहीं बचेगा। मां शब्द गाय से ही आया है, गाय का बछड़ा जन्म ते ही मां पुकारता है, वात्सल्य शब्द गाय से ही आया है, वत्स यानी बछड़ा, गाय का अपने वत्स के प्रति प्रेम विलक्षण होता है ,अपने बच्चे की रक्षा के लिए वह प्राण भी दे देती है पर उसे आंच नहीं आने देती। जल जमीन जंगल जीव समूह पर्यावरण मनुष्य व संस्कारों को बचाए रखने का आधार गौ माता है अतः गौ माता का संरक्षण संवर्धन अत्यंत आवश्यक है आप इसमें सभी गाय को पालकर गोपालक कहलाए यह आपके लिए सबसे शुभ दिन और जीवन के लिए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करेगा जय गौ माता जय गौ माता जय गाय नहीं होगी तो- गोपाल कहां होंगे/ अशोक सिंह आजद गौ सेवा प्रमुख हरदोई#

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