Breaking News

#@लखनऊ:- वैश्विक पटल पर महिला दिवस की अनंतश: शुभकामनाएं@#


#@लखनऊ:- वैश्विक पटल पर महिला दिवस की अनंतश: शुभकामनाएं@#

#@ लखनऊ : विश्व महिला दिवस की अनन्त बधाई व शुभकामनाएँ सुहृदजन! नमन है उन सभी नारियों को जिन्होंने अपने  घर-परिवार को बख़ूबी सम्भालते हुए, घर की चहारदीवारी से बाहर निकल इस समाज व विश्व की उन्नति हेतु अपना अनमोल योग दिया...

महिला जो मकान को घर बनाती है; एक दिन भी जिसके बिना व्यतीत करना असंभव-सा ही है; उसी के सुकृत्यों को स्वीकृति देने, मान्यता देने, उत्साहवर्धन करने और उन असँख्य स्त्रियों के प्रति अपना सम्मान अभिव्यक्त करने का सुअवसर इस दिवस-विशेष के रूप में निर्धारित किया गया है। यह सोच भी साधुवाद की पात्र ही है...

महिला-दिवस नारी बनाम पुरुष नहीं है; हो भी नहीं सकता। स्त्री-पुरुष जीवन रथ के दो चक्र हैं। जब दोनों ही समीचीन अवस्था में होंगे तभी जीवन की गति  सुचारु व  नियमित हो पाएगी। यद्यपि मात्र दिवस भर मना लेने से सुधार नहीं होने वाला; उसके लिए मानसिकता में परिवर्तन अपेक्षित है। सुखद यह है कि आरम्भ हो चुका है, अलख जग चुकी है...

नारी केसर-धवल-शीतल हिमनद है जो औरों की पीड़ा में पिघल-पिघल चन्दन-सा शीतल सुरभित स्पर्श बन जाता है। वही नारी समय पड़ने पर वज्र-सी मजबूत चट्टान का रूप भी धर लेती है... 

हर युग में नारी का अपना परिवेश, समय-परिस्थितियाँ, घर-संसार, देश-दुनिया है जिसमें रची-बसी वह स्वयं है और उसमें रचे-बसे ये सब।  स्त्री में सृजन शक्ति, सहनशीलता व धीरजबल है, त्याग करने का अदम्य साहस व क्षमा करने का बड़प्पन भी है। अत: वह अशक्त व बेचारी हो ही नहीं सकती... 

समाज व परिवार उसकी रचनात्मक-शक्ति के मोल को समझें, उसकी ऊर्जा का सही उपयोग करें व उसकी अभिव्यक्ति का आदर करें; इसी में सबका कल्याण है...
प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम" 

डीपी सिंह चौहान  "संपादक" खोज जारी है . 24×7 न्यूज चैनल/ हिन्दी दैनिक समाचार पत्र की खास रिपोर्ट...

No comments