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#हरदोई:- विलुप्त हो रहे कुओं के भागीरथ बने चीनी मिल रूपापुर के जीएम प्रभात कुमार सिंह#


#हरदोई:- विलुप्त हो रहे कुओं के भागीरथ बने चीनी मिल रूपापुर के जीएम प्रभात कुमार सिंह# 

#हरदोई:- विलुप्त हो रहे कुओं के भागीरथ बने चीनी मिल रूपापुर के जीएम प्रभात कुमार सिंह# 

#हरदोई : सनातन धर्म में कुएं का अधिक ही महत्व है। कई संस्कार ऐसे है जो कुएं के बिना पूरा नहीं होते। करीब दो दशक पूर्व तक पीने व सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण जल स्त्रोत के रूप में कुओं का समाज में सर्वोपरि स्थान था, पर समुदाय व प्रशासन के उदासीन रवैए से अब गांवों में कुओं का अस्तित्व समाप्त सा हो गया है। संस्कृति के गवाह कुओं के अस्तित्व को बचाने के लिए भागीरथ के प्रयास की जरूरत है। बताना मुनासिब होगा कि 20 वीं सदी के अंत तक गांव एवं खेतों में कुओं की मौजूदगी एक सुखद एहसास दिलाती थी। गांवों के कुएं जहां अपने शीतल जल से प्राणियों की प्यास बुझाते थे वही खेतों के कुआं सिचाई के काम आते थे। ये बरसात के पानी के संरक्षण के सर्वोत्तम साधन हुआ करते थे। धार्मिक संस्कारों में कुओं की पूजा आज भी होती है, पर संरक्षण के अभाव में इतिहास का विषय वस्तु बनते जा रहे इन कुओं को अब खोजना पड़ता है। इतना ही नहीं अग्नि कांड जैसी दैवीय आपदाओं के समय कुआं बड़े काम के साबित होते थे। समाज के प्रबुद्ध वर्ग, सरकारी तंत्र व सामुदायिक उपेक्षा से तमाम गांवों में कुएं या तो अतिक्रमण के शिकार है या तो पाट दिए गए है। तमाम उदाहरण ऐसे है जहां कुछ लोगों ने कुओं को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन के समक्ष शिकायती पत्र सौंपा सम्यक कार्रवाई न होने से वे आज तक उपेक्षित है। हालांकि वर्तमान परिवेश में कुएं का पानी पीने के लिए अपेक्षाकृत कम सुरक्षित है और सिचाई में भी ज्यादा श्रम लगता है बावजूद इसके कुओं के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। सवायजपुर कस्बे के निवासी व्यापारी कृष्णऔतार पाठक बताते हैं पहले कुओं की संख्या से ही गांव के समृद्धि का आंकलन कर लिया जाता था । चीनी मिल रूपापुर के महाप्रबंधक प्रभात कुमार सिंह का आभार व्यक्त करते हुऐ उन्होंने कहा अपना अस्तित्व खो चुके कुओं को पुनः जीवित करने के लिये उनका हमेशा ऋणी रहूंगा।डीसीएम श्री राम शुगर यूनिट रूपापुर के महाप्रबंधक प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि पहले कुओं का उतना ही महत्व था, जितना जीवन के लिए आक्सीजन की होती है। नई पीढ़ी ने इन्हें विस्मृत कर दिया है। जरूरत है कि प्रत्येक व्यक्ति भगीरथ बने और धरती पर मौजूद इस नायाब जल स्त्रोत का संरक्षण करें हमने अब तक 6 कुओं का पुनर्निर्माण कराया है सभी कुआं सवायजपुर तहसील क्षेत्र  के विकास खंड भरखनी के गांव मानपारा में हैं चीनी मिल अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों के अन्तर्गत  मुंडेर गांव में 1.5 किलोमीटर में 40 सोलर लाइटें लगाकर गांव को प्रकाशमय किया  17 विद्यालयों में शौचालय व हरपालपुर के ककरा गांव में 45 रुपए की लागत से जल संरक्षण के लिए एक चेक डेम बनवाया । व एक अन्य चेकडैम जल्द ही बनवाया जाएगा ।
माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू , विधायक सवायजपुर ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि पहले खेतों व गावों में कुएं की उपस्थिति सुखद अहसास दिलाती थी पहले कुओं में अनेक झिरें होती थीं जिससे ठंडे और मीठे पानी से यह भरा रहता था। चीनी मिल रूपापुर ने 6 कुंआ फिर से पुनर्जीवित कर दिए जो प्रशंसनीय व पुनीत कार्य है#

खोज जारी है. हिन्दी दैनिक समाचार पत्र की खास रिपोर्ट...


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