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#शाहजहांपुर:- में सिटिंग MLA का सपा ने काटा टिकट:BJP छोड़कर आए नेता को बनाया प्रत्याशी, MLA बोले- किस लालच में मेरा टिकट काटकर दूसरे को दे दिया गया#


#शाहजहांपुर:- में सिटिंग MLA का सपा ने काटा टिकट:BJP छोड़कर आए नेता को बनाया प्रत्याशी, MLA बोले- किस लालच में मेरा टिकट काटकर दूसरे को दे दिया गया#

#शाहजहांपुर : में 27 साल पहले शरदवीर सिंह ने सपा की सदस्यता ग्रहण की थी। उसके बाद लगातार 3 बार विधायक बने। इस बार टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने सपा से त्यागपत्र दे दिया। सपा में लंबा समय बिताने के बाद भी शरदवीर सिंह पर कभी किसी तरह का आरोप या फिर किसी तरह से सुर्खियों में नहीं रहे। सपा ने उनका टिकट काटकर, दो बार बसपा से विधायक रहे और 5 साल से भाजपा रहने के बाद भाजपा छोड़कर सपा में आए नीरज मौर्या को टिकट देकर मैदान में उतारा है।

शीर्ष नेताओं के प्रति नाराजगी जाहिर की

टिकट कटने के कुछ देर बाद ही उन्होंने दैनिक भास्कर से फोन पर बातचीत में पार्टी के शीर्ष नेताओं के प्रति नाराजगी जाहिर की थी और रात होते-होते पार्टी से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अभी ये साफ नहीं किया है कि अब उनका अगला कदम क्या होगा। हालांकि अभी तक उस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने भी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।

बता दें कि जलालाबाद विधानसभा उन विधानसभा में से एक है, जहां से कभी भाजपा प्रत्याशी नहीं जीत सका। वर्ष 2017 में भाजपा को मिले भारी जनादेश के बाद भी जिले की 6 विधानसभाओं में से सिर्फ जलालाबाद विधानसभा से सपा का एक मात्र विधायक जीता था। उसका नाम है शरदवीर सिंह। शरदवीर सिंह ने वर्ष 1995 में पार्टी सदस्यता ग्रहण की थी। उसके बाद वह सपा से 3 बार स्थानीय विधायक चुने गए।

कई दिनों से लखनऊ में जमे थे शरदवीर सिंह

सपा द्वारा सिंबल बांटने से पहले जब प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई थी तब तक जलालाबाद विधानसभा से मौजूदा सपा विधायक शरदवीर सिंह को सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा था। अपने टिकट को बरकरार रखने के लिए शरदवीर सिंह ने कई दिन तक लखनऊ में बताए। कई बार सपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। मंगलवार को सपा ने जिले के छहों विधानसभाओं पर उतरने वाले प्रत्याशियों को लखनऊ बुलाकर उनको सिंबल दिए गए। जिसमें जलालाबाद विधानसभा से नीरज मौर्या का नाम भी था।

27 साल बाद सपा से त्यागपत्र दिया

जैसे ही सपा ने प्रत्याशियों की घोषणा की तो इधर सपा से मौजूदा विधायक रहे शरदवीर सिंह सपा से दूर होने लगे। मंगलवार सुबह प्रत्याशी घोषित होने के बाद सबसे पहले शरदवीर सिंह ने दैनिक भास्कर से फोन पर बात करके पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। मंगलवार की रात शरदवीर सिंह ने 27 साल बाद सपा से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को भेज दिया।

जलालाबाद से अभी तक नहीं उतारा प्रत्याशी

हालांकि अभी तक जलालाबाद विधानसभा से भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। उधर, अटकलें ये भी लगाई जा रही है कि सपा से त्यागपत्र देने के बाद शरदवीर सिंह भाजपा का दामन थाम सकते हैं और साथ ही भाजपा भी शरदवीर सिंह को टिकट देकर मैदान में उतार सकती है। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। शरदवीर सिंह ने भी अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं कि वह कौन सी पार्टी में जाएंगे और न ही इसकी पुष्टि भाजपा ने की है कि शरदवीर सिंह भाजपा में आने वाले हैं।

1995 में सपा के साथ जुड़े

शरदवीर सिंह ने 27 साल तक सपा के अलावा किसी अन्य पार्टी की तरफ रूख नहीं किया। त्यागपत्र में शरदवीर सिंह ने लिखा है कि वर्ष 1995 में उन्होंने मुलायम सिंह यादव की नीतियों से प्रभावित होकर सपा की सदस्यता ग्रहण की थी। उसके बाद से लगातार पार्टी के माध्यम से जनता की सेवा कर रहे हैं, लेकिन अब पार्टी अपनी नीतियों से भटक गई है। वह जीते हुए प्रत्याशी हैं। बावजूद इसके विधानसभा से सपा ने उस व्यक्ति को टिकट दिया है, जो दो बार बसपा से विधायक रहा और अपनी सत्ता में अवैध रूप से धन कमाया। इस कारण वह पार्टी से त्यागपत्र दे रहे हैं#

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