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#हरदोई: बेनीगंज- हमने गीत नहीं लिखे हैं महबूबा के गालों पर, कवियों ने बांधा समां#

#हरदोई: बेनीगंज- हमने गीत नहीं लिखे हैं महबूबा के गालों पर, कवियों ने बांधा समां# 


#हरदोई: बेनीगंज- हमने गीत नहीं लिखे हैं महबूबा के गालों पर, कवियों ने बांधा समां# 

#हरदोई: बेनीगंज- कस्बे के सीबीजी इंटर कालेज में सोमवार को विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें दूर जनपदों से आये कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी को आनंदित किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुंवर बीरेंद्र सिंह एवं मंच  संचालन सीतापुर के प्रसिध्द कवि एवं साहित्यकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा साहित्य भूषण से अलंकृत कमलेश मौर्य मृदु द्वारा किया गया। कवि सम्मेलन की शुरुआत अवधी लोकगीत सशक्त हस्ताक्षर जगजीवन मिस्र द्वारा मां वीणापाणि की बन्दना से हुई। लखनऊ के अजीत अज्ञानी ने हास्य रस की रचनाओ के माध्यम से श्रोताओं को जी भर गुदगुदाया वहीं समाज की विसंगतियों के प्रति सोचने पर विवश किया। सीतापुर से पधारे विनीत तिवारी एडवोकेट ने ओज की पंक्तियों के माध्यम से हिंदुस्तान की जयघोष भरी रचनाओं में पूरे पंडाल में जोश भरा।उन्होंने *लिया है जन्म भारत मे उसी का मान करते हैं, कसम से दिल मे हिंदी और हिंदुस्तान रखते हैं*पढ़कर तालियां बटोरी। लखनऊ से पधारी श्रृंगार कवियत्री शशि श्रेया ने कहा,जीत लेगा हर जंग वह हर हाल में, जिसको सारे दर्द सहकर मुस्कराना आ गया। उनके गीतों ने युवा मन की धड़कनें तेज कर दी। संडीला की प्रियंका द्विवेदी ने बेटियों के स्वाभिमान को जगाते हुए कहा कि,दुष्टो के वक्ष चीरने का बेटियां ही हल बनीं। मिश्रिख के गीत और मुक्तक के मजबूत हस्ताक्षर जगजीवन मिस्र ने उपस्थित खचाखच भरे पंडाल में कोरोना काल की त्रासदी और परिदृश्य पर अपने चुटीले व्यंग्य कसे वही उनकी प्रसिद्ध रचना ,लिहे जायेऊ वहिका शिरका पियार लागै। बेटी जब ससुराल से मायके आती है तो एक मां की संवेदना, जब बिटिया घर आवै तो घर त्योहार लागै। खुल कर वाह वाही लूटी और श्रोताओं के आंखों में आंसू ला दिए। संचालक मृदु जी ने आशु रचनाओ से अपने साहित्यिक ज्ञान और काव्यकला की छटा में सभी का समर्थन बटोरा। नगर पंचायत बेनीगंज के सरल स्वभाव अधिशासी अधिकारी महेश प्रताप श्रीवास्तव ने अपनी रचना के माध्यम से सम्पूर्ण भारत की झांकी प्रस्तुत कर वाह वाही लूटी। देर रात तक चली काव्यधारा में श्रोता आनंदित होते रहे। कालेज प्रधानाचार्य गिरिजेश तिवारी ने सभी कवियों और गणमान्य व्यक्तियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया#

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