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#हरदोई:- अंगद-रावण संवाद लीलाओं का हुआ सजीव मंचन, ऐतिहासिक श्री आदर्श रामलीला कमेटी, नस्योली गोपाल (मुगलापुर) के द्वारा सोमवार को रावण द्वारा लात मारे जाने के बाद विभीषण का राम के पास शरणागति व अंगद-रावण संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया#


#हरदोई:- अंगद-रावण संवाद लीलाओं का हुआ सजीव मंचन, ऐतिहासिक श्री आदर्श रामलीला कमेटी, नस्योली गोपाल (मुगलापुर) के द्वारा सोमवार को रावण द्वारा लात मारे जाने के बाद विभीषण का राम के पास शरणागति व अंगद-रावण संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया#


#हरदोई:- अंगद-रावण संवाद लीलाओं का हुआ सजीव मंचन, ऐतिहासिक श्री आदर्श रामलीला कमेटी, नस्योली गोपाल (मुगलापुर) के द्वारा सोमवार को रावण द्वारा लात मारे जाने के बाद विभीषण का राम के पास शरणागति व अंगद-रावण संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया#


#हरदोई:- अंगद-रावण संवाद लीलाओं का हुआ सजीव मंचन, ऐतिहासिक श्री आदर्श रामलीला कमेटी, नस्योली गोपाल (मुगलापुर) के द्वारा सोमवार को रावण द्वारा लात मारे जाने के बाद विभीषण का राम के पास शरणागति व अंगद-रावण संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया#


#हरदोई:- अंगद-रावण संवाद लीलाओं का हुआ सजीव मंचन, ऐतिहासिक श्री आदर्श रामलीला कमेटी, नस्योली गोपाल (मुगलापुर) के द्वारा सोमवार को रावण द्वारा लात मारे जाने के बाद विभीषण का राम के पास शरणागति व अंगद-रावण संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया#


#हरदोई:- अंगद-रावण संवाद लीलाओं का हुआ सजीव मंचन, ऐतिहासिक श्री आदर्श रामलीला कमेटी, नस्योली गोपाल (मुगलापुर) के द्वारा सोमवार को रावण द्वारा लात मारे जाने के बाद विभीषण का राम के पास शरणागति व अंगद-रावण संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया#

#हरदोई: रामलीला कमेटी के तत्वावधान सोमवार को रावण द्वारा लात मारे जाने के बाद देर रात्रि तक चले मंचन में श्रद्धालु मंचन कर रहे कलाकारों के अभिनय से रोमांचित दिखे। मन्दोदरी रावण सम्वाद में मन्दोदरी ने रावण को समझाने का काफी प्रयास किया जिसे उसने ठुकरा दिया और दरबार मे दरबारियों से युद्ध की अगली रणनीति बनाने लगा जिसमे विभीषण रावण को समझाते हुए कहता है कि प्रभु श्रीराम से बैर त्याग सीता जी को सकुशल वापस कर दे। रावण द्वारा विभीषण को लात मार कर सभा से बाहर जाने को कहा जाता है। इस पर विभीषण राम के शरण मे आ गए। राम व विभीषण का संवाद बेहद मार्मिक व ह्रदय विहवल सुनकर दर्शक भावविभोर हो जाते है। राम सुग्रीव विभीषण जामवंत हनुमान आदि द्वारा विचार विमर्श के बाद अंगद को शांति के प्रस्ताव के साथ रावण के पास भेजा जाता है। अंगद शक्तिशाली भी था तथा बुद्धिमान भी, इसलिये उसका शांतिदूत के रूप में चुनाव किया गया था। जब वह रावण के दरबार में पहुंचा तो रावण के सैनिकों के द्वारा उसका अपमान किया गया जिससे अंगद क्रोधित हो जाते है और रावण के पुत्र का वध कर देते हैं। उसके उपरांत रावण के दरबार मे पहुँचकर अंगद द्वारा रावण को समझाने का प्रयास किया गया। परन्तु अहंकारी रावण ने शांति का प्रस्ताव को ठुकरा दिया। मंचन कर रहे कलाकारों में रावण- शशि कुमार सिंह ,राम- शिवम सिंह, लक्क्ष्मण- युवराज सिंह, हनुमान- सत्यपाल सिंह ,सुग्रीव- अंकित सिंह ,विभीषण मेघनाथ- ओम प्रताप सिंह,अंगद - अजीत प्रताप सिंह व जामवंत- प्रेम कुमार सिंह आदि ने अभिनय की भूमिका निभाई#
#वहीं आज की लीलाओं का अवलोकन करने के लिए मुख्य अथित के रूप में हर्ष वर्धन सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष विश्व हिन्दु परिषद, प्रबन्धक कल्याणा नन्द महाविद्यालय न्योरादेव ने पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कमेटी की तरफ से उनका भव्य स्वागत अभिनन्दन किया गया#

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