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#शाहजहांपुर:- नशा मुक्त भारत का निर्माण करना है उद्देश्य/ रीना सिंह/ नशे से व्यक्ति,परिवार और समाज होता है प्रभावित#


#शाहजहांपुर:- नशा मुक्त भारत का निर्माण करना है उद्देश्य/ रीना सिंह/ नशे से व्यक्ति,परिवार और समाज होता है प्रभावित#

ब्यूरो: संजय सिंह.  खोज जारी है. हिन्दी दैनिक समाचार पत्र की खास रिपोर्ट...

#शाहजहांपुर: भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री जनसंघ सेवक मंच महिला मंच व अंतर्राष्ट्रीय मां विद्या ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मां विद्या ट्रस्ट महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष आयरन लेडी रीना सिंह ने भारत को नशा मुक्त करने के संकल्प के साथ आज पत्रकारों से बात चीत करते हुए कहा कि ड्रग्स के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ भारत किसी भी कीमत पर नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आज नशा मुक्त भारत अभियान के लिए लोगों को जागरूक करने पर बल दिया। मादक द्रव्यों के सेवन से मुक्त एक स्थायी दुनिया के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास और सहयोग को मजबूत करने के लिए दुनिया भर में यह दिवस मनाया जाता है। नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में काम करने वाला सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश भर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को लागू करता है#

#इस वर्ष, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के मौके पर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 6 दिवसीय नशा मुक्त भारत शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए मंत्रालय द्वारा की गई कई पहलों के ई-लॉन्च के साथ समाप्त हुआ#

#आयरन लेडी रीना सिंह ने कहा कि "नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के विशेष अवसर पर, हम किसी भी रूप में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ अपने दृढ़ संकल्प को मजबूत करने और दुनिया को यह संदेश देने के लिए एक साथ आए हैं कि भारत इस बुराई से लड़ने में कोई कसर नहीं छोड़गा। यह सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त करने, नशीली दवाओं के दुरुपयोग को समाप्त करने की पहल और समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण और परिणामों को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करता है।" रीना सिंह ने संकल्प व्यक्त किया कि भारत किसी भी कीमत पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किए गए राष्ट्रीय व्यापक सर्वेक्षण के अनुसार, देश में 6 करोड़ से अधिक लोग ड्रग यूजर्स हैं जिनमें से बड़ी संख्या में 10-17 वर्ष के आयु वर्ग के लोग हैं#

#आयरन लेडी ने बताया कि मंत्रालय ड्रग्स की मांग में कमी के लिए नोडल मंत्रालय है। इस मंत्रालय ने नशीली दवाओं के मुकदमों और इसके प्रभावों से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि देश भर में 500 से अधिक स्वैच्छिक संगठन हैं, जिन्हें मंत्रालय की नशीली दवाओं की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के तहत वित्तीय सहायता दी जाती है। ये गैर सरकारी संगठन नशा मुक्त भारत अभियान के कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। इन संस्थानों/ संगठनों के स्वयंसेवी और आउटरीच कार्यकर्ता आसपास के इलाकों में गाँव-गाँव और घर-घर जाकर लोगों को नशीली दवाओं के दुष्परिणामों के बारे में शिक्षित करते हैं और मादक द्रव्यों के सेवन के पीड़ितों के पुनर्वास में सहायता करते हैं। रीना सिंह ने बताया कि देश में कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति के बावजूद नशा मुक्त भारत अभियान की गतिविधियां पूरी तरह से जारी हैं। आयरन लेडी ने आग्रह किया कि आम आदमी को नशा मुक्त भारत अभियान का हिस्सा बनना चाहिए क्योंकि लोगों की भागीदारी से ही समाज से बुराई को मिटाया जा सकता है#

#इस अवसर पर रीना सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन से बड़ी संख्या में लोगों की जिंदगी बर्बाद हो गई है। इस बुराई के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है और हमें नशीले पदार्थों के व्यापार को समाप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें नशा मुक्त भारत बनाने की जरूरत है और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत गंभीर है#

#आयरन लेडी रीना सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूरी दुनिया इस खतरे का सामना कर रही है और नशे की लत का प्रभाव सिर्फ उस व्यक्ति पर नहीं पड़ता जो इसकी चपेट में है, बल्कि इससे परिवार और समाज के बड़े वर्ग पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है और यह गंभीर चिंता का विषय बन गया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को ड्रग्स की मांग को कम करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के सभी पहलुओं का समन्वय और देखरेख करता है, जिसमें समस्या की गंभीरता का आकलन करना, निवारक कार्रवाई, नशे के आदी व्यक्ति का उपचार और पुनर्वास, सूचना का प्रसार और जन जागरूकता गतिविधियां शामिल हैं। साथ ही यह मंत्रालय नशामुक्ति केंद्र भी चलाता है। आयरन लेडी ने कहा कि सरकार देश भर के गैर सरकारी संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हमें नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेना चाहिए#

#पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां नशीली दवाओं का व्यापार खतरनाक मोड़ ले रहा है। नशा न केवल व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है बल्कि परिवार और समाज के लिए भी हानिकारक है। नशा समाज और देश के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। रीना सिंह ने कहा कि देश को नशा मुक्त करने के लिए सरकार और युवाओं को आगे आना होगा#

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