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#हरदोई:- भरखनी- भाजपा अनंगपुर मंडल ने मनाया वीर बाल दिवस#


#हरदोई:- भरखनी- भाजपा अनंगपुर मंडल ने मनाया वीर बाल दिवस#

#हरदोई: भरखनी- पचदेवरा- वीर बाल दिवस हमें सिख गुरुओं के बलिदान को याद दिलाता है। गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्रों ने धर्म और देश की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राणों की आहुति दे दी। यह इतिहास युवा पीढ़ी तक पहुंचाना होगा, ताकि वे अपने बलिदानियों की गौरवगाथा के बारे में जानें। ये बातें भाजपा अनंगपुर मंडल अध्यक्ष जैनेन्द्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को क्षेत्र के रामताल मंदिर प्रांगण में आयोजित  कार्यक्रम के दौरान कहीं,अधर्म के सामने नहीं झुके साहिबजादे,उन्होंने कहा कि मां गुजरी के सानिध्य में जो संस्कार साहिबजादों को मिले उसी का परिणाम है कि वे अधर्म के सामने नहीं झुके। धर्म और देश के लिए लड़ते-लड़ते अपने प्राणों की आहूति दी। हर युवा और बच्चे को आज का दिन नई प्रेरणा देता है। उन्होंने सिखों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने 2020 से लगातार इस बात को उठाया कि भारत के इतिहास में सर्वोच्च बलिदान देने वाले साहिबजादों को आखिर क्यों विस्मृत कर दिया गया। जिन साहिबजादों के बलिदान दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाना चाहिए, उसकी जगह किसी और घटना को बाल दिवस से जोड़ दिया गया। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और प्रेरणा से दोनों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान दिवस को आज पूरा देश वीर बाल दिवस के रूप में मना रहा है#

#मंडल अध्यक्ष ने कहा कि सिख गुरुओं का बलिदान व्यक्तिगत या परिवार के लिए नहीं था, बल्कि उनका बलिदान देश और धर्म के लिए था। गुरु नानक भक्ति में रमे हुए एक संत थे। भक्ति का जागरण करते थे, निर्भीकता उनका गुण था। बाबर को चुनौती देने का कार्य उन्होंने उस कालखंड में किया था। सिख गुरुओं ने कभी चैन से बैठकर अपने स्वयं के लिए नहीं सोचा। देश के अलग अलग क्षेत्रों में गुरुओं द्वारा कई परंपराएं शुरू की गईं। कहीं लंगर की परंपरा शुरू हुई तो कहीं सरोवरों के माध्यम से नई प्रेरणा प्रदान की गई। गुरु अर्जन देव ने जहांगीर के अत्याचारों का डटकर मुकाबला किया। तो कश्मीरी पंडितों पर होने वाले वाले अत्याचारों के खिलाफ गुरु तेग बहादुर ने स्वयं को बलिदान कर दिया। दुनिया में अंदर हमें ऐसा अद्भुत इतिहास कहीं नहीं देखने को मिलता है कि गुरु गोविंद सिंह जो एक बलिदानी पिता के पुत्र हैं और अपने चार पुत्रों को भी उन्होंने देश और धर्म के लिए बलिदान कर दिया#

#चार हुए तो क्या हुआ, जीवित हुए हजार#

#कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर वीर बालकों का सम्मान किया जाना चाहिए। मंडल अध्यक्ष ने गुरु गोविंद सिंह जी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने चार-चार पुत्र देश और धर्म की रक्षा करते हुए बलिदान कर दिए। जब गुरु गोविंद सिंह जी से पूछा गया कि आपके चार पुत्र शहीद हुए, उस समय उनके मुख से यही निकला था कि चार हुए तो क्या हुआ, जीवित हुए हजार। ऐसे कार्यक्रम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर हैं#

#इस अवसर पर भाजयुमो मंडल अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह, मंडल मंत्री सुधीर सिंह, लालू सिंह,अमित सिंह प्रधान माननगला,मनोज मास्टर,लल्ला सिंह,श्याम मोहन बाजपेई, नाथू सिंह सेक्टर सयोजक मान नगला, नरेश पाल सिंह बूथ अध्यक्ष मान नगला डॉक्टर राजरूप आदि भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे#

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