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#हरदोई:- बिलग्राम- जिलाधिकारी के आदेश का मखौल उड़ा रहे हैं संबंधित अधिकारी, बन्दी बेअसर#


#हरदोई:- बिलग्राम- जिलाधिकारी के आदेश का मखौल उड़ा रहे हैं संबंधित अधिकारी, बन्दी बेअसर#

#हरदोई: बिलग्राम- कस्बे में साप्ताहिक बन्दी का कोई असर नहीं रहता हैं शुक्रवार को सप्ताहिक बंदी के होने के बावजूद सुबह से देर शाम तक दुकानें खुली देखी जा सकती है। प्रत्येक शुक्रवार को दुकाने खुली होने के कारण श्रम कानून का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन दिखाई पड़ता है। सप्ताहिकी बंदी को लेकर जिम्मेदारों द्वारा अनदेखी की जा रही है। शुक्रवार को कस्बे में सप्ताहिक बंदी होती है लेकिन बिलग्राम कस्बे के मुख्य बाजार और बड़े चौराहा आदि अन्य जगहों पर सप्ताहिक बंदी का कोई असर नहीं दिखाई पड़ता है। लगातार साप्ताहिक बंदी के दिन भी दुकानें खुली देखी जाती है। दुकानदार अपनी बिक्री करने में मशगुल वहीं पर दुकानों में लगे वर्कर भी पूरे सप्ताह परिश्रम करते देखे जा सकते है। जिसके चलते श्रम कानून का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन दिखाई पड़ता है।कस्बे के सदर बाजार सहित अधिकांश स्थानों पर दुकाने सप्ताहिक बंदी शुक्रवार को भी खुली रहती हैं #

#क्या कहते क्षेत्र के छोटे दुकानदार, इस संबंध में क्षेत्र के छोटे दुकानदारों से बात साझा की गई बताया कि जब अधिकारी कड़ाई नहीं करते तो दुकानदार दुकानें खोलेंगे ही उसने बताया कि एक दुकान खुलती है तो उसके देखते दूसरे दुकान खुलती है। इस तरह धीरे-धीरे कर पूरे कस्बे की दुकानें खुल जाती है। इसी तरह साप्ताहिक बन्दी वाले दिन शुक्रवार को भी बाजार के दिन जैसा माहौल दिखाई देता है। वही एक ग्राहक ने कहा कि अन्य दिनों की तरह शुक्रवार को भी पूरा सामान दुकानों में मिलता है। हालाकि सप्ताहिक बंदी शुक्रवार को पूरी तरह से दुकानें बंद होनी चाहिए। जिम्मेदारों के उदासीनता के चलते दुकानें खुली देखी जाती है। सप्ताह बंदी के दिन दुकानों का खुलना दर्शाता है श्रम विभाग की धमक व्यापारियों तक नहीं पहुंच पाती। जहां श्रम कानून का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन दिखाई पड़ता है#

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