#हरदोई:- राष्ट्रीय पोषण सप्ताह तथा मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकार व नशीले पदार्थों के दुरुपयोग व उसके बचाव के विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन#
#हरदोई:- राष्ट्रीय पोषण सप्ताह तथा मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकार व नशीले पदार्थों के दुरुपयोग व उसके बचाव के विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन#
#राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ, के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई, के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला जी सचिव/अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप जी के निर्देशानुसार तहसील विधिक सेवा समिति सदर सचिव/तहसीलदार श्री सचिंद्र कुमार शुक्ला जी के निर्देशन राष्ट्रीय पोषण सप्ताह तथा मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकार व नशीले पदार्थों के दुरुपयोग व उसके बचाव के विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन महिला जिला चिकित्सालय हरदोई में किया गया l जिसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षका श्री सुबोध सिंह जिला महिला चिकित्सालय हरदोई द्वारा की गई व शिविर में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह हर साल 1 सितंबर से 7 सितंबर तक भारत में मनाया जाता है। यह सप्ताह लोगों को संतुलित आहार, अच्छी पोषण संबंधी आदतों के महत्व और कुपोषण की जटिल समस्याओं से निपटने के लिए शिक्षित करने के लिए समर्पित है। यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है। शिविर में फैमिली वेलफेयर काउंसलर डॉक्टर गरिमा शुक्ला जी द्वारा बताया गया कि भारत के चार राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम हैं: पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन), प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM पोषण), मध्याह्न भोजन योजना (MDM) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)। ये कार्यक्रम किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के बीच स्टंटिंग, कुपोषण और एनीमिया को रोकने और कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। शिविर मे लीगल एड क्लीनिक श्यामू सिंह के द्वारा जानकारी दी गई कि मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों में गरिमा के साथ जीने, समुदाय में रहने, बिना किसी भेदभाव के समान अवसर, मुफ़्त कानूनी सहायता और उचित स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने का अधिकार शामिल है। ये अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, और 39A के साथ-साथ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) में भी निहित हैं। मानसिक रोग या बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्ति केवल विशिष्ट अक्षमताओं के कारण गैर-व्यक्ति नहीं बन जाते। वे भी समाज के पूर्ण सदस्य हैं और उन्हें वे सभी मानवीय अधिकार प्राप्त हैं जो किसी अन्य व्यक्ति को प्राप्त होते हैं। शिविर में पी एल वी कीर्ति कश्यप द्वारा बताया गया कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग, मनोरंजक दवाओं, शराब और तंबाकू जैसे पदार्थों का अनुचित या अत्यधिक उपयोग है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकते हैं। इसका आकलन अक्सर विभिन्न तरीकों से किया जाता है, जैसे नैदानिक नमूने, मृत्यु-परीक्षा विष विज्ञान, और अवैध पदार्थों की ज़ब्ती के आँकड़े है lसाथ ही आगामी 13 सितंबर 2025 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा चलाई जा रही नि:शुल्क विधिक सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में जानकारी प्रदान की गई और विधिक जानकारी दी गई शिविर में महिला जिला चिकित्सालय हरदोई स्टाफ व अधिक संख्या में महिलाएं उपस्थित रही#

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