#हरदोई:- तीन दिवसीय तकनीकी कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सूचना विभाग, प्रकाशनार्थ#
#हरदोई:- तीन दिवसीय तकनीकी कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सूचना विभाग, प्रकाशनार्थ#
#हरदोई: दिवसीय तकनीकी कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापकृषि विज्ञान केंद्र धौरा उन्नाव में जनपद हरदोई के जनपदीय एवं तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पर कार्यरत तकनीकी कार्मिकों का दिनांक 25.09.2025 से 27.09.2025 तक- मृदा परीक्षण एवं फसलों के लिए उर्वरक संस्तुति विषय पर कौशल विकास कार्यक्रम का प्रशिक्षण कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ लाल बहादुर प्रधान वैज्ञानिक राष्ट्रीय वनस्पति अनुसन्धान संस्थान लखनऊ थे । प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मृदा परीक्षण की नवीनतम तकनीकों, फसलों की पोषक तत्व आवश्यकताओं, उर्वरक सिफारिशों की वैज्ञानिक पद्धतियों एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। प्रशिक्षण की पाठ्यक्रम समन्वयक/मृदा वैज्ञानिक रत्ना सहाय ने तकनीकी कर्मचारियों को बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक प्रबंधन करना आज की आवश्यकता है, क्योंकि इससे न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है बल्कि फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम तकनीकी कार्मिकों के कौशल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे#
#हरदोई:- प्रशिक्षण के पहले एवं दूसरे दिन विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मृदा नमूना संग्रह की विधि, परीक्षण प्रयोगशाला में प्रयोग होने वाले उपकरणों एवं परीक्षण प्रक्रिया के मानकों की जानकारी दी। पाठ्यक्रम समन्वयक/वैज्ञानिक पौध संरक्षण डॉ जय कुमार ने प्रशिक्षार्थियों को मृदा से होने वाली फसलों की बीमारियों एवं संस्थान में चल रहीं अन्य गतिविधियों की जानकारी दी और साथ ही साथ परिसर में भर्मण भी कराया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन डॉ लाल बहादुर प्रधान वैज्ञानिक ने प्रशिक्षार्थियों को उर्वरक सिफारिशों की वैज्ञानिक तकनीक, विभिन्न फसलों के लिए पोषक तत्व प्रबंधन तथा प्रयोगशाला कार्य का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया#
#उप कृषि निदेशक (शोध) आर० के० सिंह ने बताया की कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय कृषि विज्ञान केन्द्र की टीम द्वारा किया गया। तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण जनपद एवं तहसील स्तरीय तकनीकी कार्मिकों को उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने हेतु प्रेरित करेगा और किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। डा अर्चना सिंह प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र ने प्रशिक्षण आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद दिया और आवाहन किया कि आप सभी इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का लाभ कृषकों तक पहुंचाएंगे जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार होगा। कार्यक्रम में डा ए के सिंह, डा अर्चना सिंह, रत्ना सहाय, इंजीनियर रमेश चंद्र मौर्य, डा जय कुमार यादव, शांतनु सिंह आशीष कुमार, रोहित पटेल एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे#
#हरदोई: कृषि विज्ञान केंद्र धौरा उन्नाव में जनपद हरदोई के जनपदीय एवं तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण-६ प्रयोगशाला पर कार्यरत तकनीकी कार्मिकों का दिनांक 25.09.2025 से 27.09.2025 तक मृदा परीक्षण एवं फसलों के लिए उर्वरक संस्तुति विषय पर कौशल विकास कार्यक्रम का प्रशिक्षण कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ लाल बहादुर प्रधान वैज्ञानिक राष्ट्रीय वनस्पति अनुसन्धान संस्थान लखनऊ थे । प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मृदा परीक्षण की नवीनतम तकनीकों, फसलों की पोषक तत्व आवश्यकताओं, उर्वरक सिफारिशों की वैज्ञानिक पद्धतियों एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। प्रशिक्षण की पाठ्यक्रम समन्वयक/ मृदा वैज्ञानिक रत्ना सहाय ने तकनीकी कर्मचारियों को बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक प्रबंधन करना आज की आवश्यकता है, क्योंकि इससे न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है बल्कि फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम तकनीकी कार्मिकों के कौशल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे#
#प्रशिक्षण के पहले एवं दूसरे दिन विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मृदा नमूना संग्रह की विधि, परीक्षण प्रयोगशाला में प्रयोग होने वाले उपकरणों एवं परीक्षण प्रक्रिया के मानकों की जानकारी दी। पाठ्यक्रम समन्वयक/वैज्ञानिक पौध संरक्षण डॉ जय कुमार ने प्रशिक्षार्थियों को मृदा से होने वाली फसलों की बीमारियों एवं संस्थान में चल रहीं अन्य गतिविधियों की जानकारी दी और साथ ही साथ परिसर में भर्मण भी कराया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन डॉ लाल बहादुर प्रधान वैज्ञानिक ने प्रशिक्षार्थियों को उर्वरक सिफारिशों की वैज्ञानिक तकनीक, विभिन्न फसलों के लिए पोषक तत्व प्रबंधन तथा प्रयोगशाला कार्य का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया#
#उप कृषि निदेशक (शोध) आर० के० सिंह ने बताया की कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय कृषि विज्ञान केन्द्र की टीम द्वारा किया गया। तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण जनपद एवं तहसील स्तरीय तकनीकी कार्मिकों को उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने हेतु प्रेरित करेगा और किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। डा अर्चना सिंह प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र ने प्रशिक्षण आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद दिया और आवाहन किया कि आप सभी इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का लाभ कृषकों तक पहुंचाएंगे जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार होगा। कार्यक्रम में डा ए के सिंह, डा अर्चना सिंह, रत्ना सहाय, इंजीनियर रमेश चंद्र मौर्य, डा जय कुमार यादव, शांतनु सिंह आशीष कुमार, रोहित पटेल एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे#

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