#दिल्ली:- कोई नहीं जानता है कि ये देश जस्टिस एमबी सोनी का भी कर्जदार है#
#दिल्ली:- कोई नहीं जानता है कि ये देश जस्टिस एमबी सोनी का भी कर्जदार है#
#नरेंद्र मोदी को जेल मे सड़ाने की प्लानिंग किसकी थी#
#और इस षड्यंत्र से कैसे नरेंद्र मोदी बच सके#
#षड्यंत्र कितने खतरनाक#
#आप अंदाज नहीं लगा सकते#
#अगर वो सफल हो जाते#
#तो हम क्या खो देते#
#और नरेंद्र मोदी का हश्र क्या होता#
#कांग्रेस राज में कोई भी केस सुप्रीम कोर्ट में जाने के पहले ही सब कुछ मैनेज हो जाता था#
#कि केस किस जज की बेंच में जायेगा और वो जज क्या फैसला देंगे#
#कांग्रेस की 70 सालों की सफलता का यही सबसे बड़ा राज ये है कि, उसने मीडिया और न्यायपालिका सबको मैनेज करके अपना राज स्थापित किया#
#गुजरात हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस एमबी सोनी ने इसका खुलासा तब किया, जब उन्होंने पाया की गुजरात दंगो के सम्बन्धित कोई भी याचिका, जो तीस्ता सीतलवाड सुप्रीम कोर्ट में दायर करती है वो सिर्फ जस्टिस आफताब आलम के बेंच में ही क्यों जाती है, जबकि रोस्टर के अनुसार वो किसी और के बेंच में जानी चाहिए थी#
#फिर उन्होंने और तहकीकात की तो पता चला कि रजिस्ट्रार को ऊपर से आदेश था कि तीस्ता का केस जस्टिस आफ़ताब आलम के बेंच में ही भेजा जाए और इसके लिए मस्टर रोल और रोस्टर को बदल दिया जाये#
#फिर उन्होंने और तहकीकात की तो पता चला कि#
#जस्टिस आफताब आलम की सगी बेटी अरुसा आलम, तीस्ता के एनजीओ सबरंग में पार्टनर है और#
#उस समय के केबिनेट मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की पत्नी भी उसी एनजीओ में है#
#यह सब जानकर उन्होंने इसके खिलाफ चीफ जस्टिस को पत्र भेजा, और जस्टिस आफ़ताब आलम, कांग्रेस नेता और हिमाचल के मुख्यमंत्री की बेटी (जस्टिस अभिलाषा कुमारी) के 10 फैसलों की बकायदा आठ हजार पन्नों में विस्तृत बिवेचना करके भेजी#
#और कहा कि इन लोगों ने खुलेआम न्यायव्यवस्था का बलात्कार किया है#
#इसके बाद ही इस गैंग को गुजरात के हर एक मामले से अलग किया गया#
#अगर जस्टिस एम बी सोनी नहीं होते तो कांग्रेस सरकार नरेंद्र मोदी को दंगों के मामलों में फंसाने की पूरी प्लानिंग कर चुकी थी#
#कभी आपने राहुल गांधी, लालू यादव, सीताराम येचुरी, मायावती, अखिलेश, ममता, महबूबा, और विपक्ष के नेताओं को एक दूसरे को चोर बोलते सुना है#
#नहीं ना#
#जबकि इनमें से कुछ को सजा भी हो चुकी है, कोई जेल में है, कोई बेल पर है और कुछ पर कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं, मगर ये लोग एक दूसरे को चोर कभी नहीं बोलते हैं#
#परन्तु मोदी जिस पर कोई भी आधिकारिक आरोप नहीं है, कोई एफआईआर नहीं है#
#कोई मुकदमा भी नहीं चल रहा है और किसी कोर्ट ने किसी जांच का आदेश भी नहीं दिया, उसे ये सारे नेता चोर बोलते हैं#
#यह देखकर आश्चर्य होता है#
#धन्य है इस तरह की बेहूदी समझ को, और देश के प्रति गैरजिम्मेदारी के भाव को#
#बल्कि लानत है ऐसे देशद्रोही नेताओं और लानत है इनके पीछे चलने वाले चमचों पर#

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