#हरदोई:- मुख्य डाकघर में रोटेशनल ट्रांसफर पर उठे सवाल#
#हरदोई:- मुख्य डाकघर में रोटेशनल ट्रांसफर पर उठे सवाल#
#हरदोई: डाक विभाग हरदोई में इस वर्ष हुए रोटेशनल ट्रांसफर अब संदेह के घेरे में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार ट्रांसफर प्रक्रिया से ठीक पहले तत्कालीन अधीक्षक मनोज कुमार को समय अवधि पूरी होने से पहले हटा दिया गया और उनकी जगह बी.के. सोनकर को समय से पूर्व ही हरदोई बुलाया गया। इसके बाद विभाग में तेजी से ट्रांसफर और पोस्टिंग की कार्रवाई की गई, जिससे तमाम सवाल खड़े हो हैं#
#कर्मचारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी रही। बताया जा रहा है कि कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए यह बदलाव जानबूझकर किया गया। ट्रांसफर की प्रक्रिया इतनी जल्दी की गई कि कई कर्मचारियों को आदेशों की जानकारी तक नहीं मिल सकी। सबसे बड़ा विवाद जांच को लेकर है। विभाग के भीतर हर जांच का जिम्मा हमेशा की तरह सहायक निदेशक आर.के. वर्मा को ही सौंपा जाता है, जिनके द्वारा जांचों को तोड़-मरोड़कर खाना-पूर्ति करने के आरोप पहले से ही लगते रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आर.के. वर्मा पोस्ट मास्टर जनरल (PMG) के खास माने जाते हैं, और इसी कारण हर महत्वपूर्ण जांच उन्हीं को सौंप दी जाती है। क्योंकि मामला कर्मचारियों का है तो कोई खुल कर नहीं बोल पा रहा#
#कर्मचारियों ने मांग की है कि इस मामले की जांच आर.के. वर्मा से ना करवा कर किसी स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए, क्योंकि श्री वर्मा स्वयं संयुक्त प्रभार हरदोई रह चुके हैं। इस स्थिति में उनके द्वारा निष्पक्ष जांच संभव नहीं है#
#अब कर्मचारियों और डाक सेवाओं से जुड़े संगठनों ने मांग उठाई है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि रोटेशनल ट्रांसफर की आड़ में किस स्तर पर नियमों को तोड़ा गया और किसे लाभ पहुंचाया गया। विभागीय हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि अगर हरदोई डाकघर में पिछले कुछ वर्षों के ट्रांसफर और जांच रिपोर्टों की समीक्षा कराई जाए, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं#


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