#लखनऊ:- यूपी में SIR को लेकर बड़ा फैसल, 11 दिसंबर तक भरे जायेंगे SIR प्रक्रिया#
#लखनऊ:- यूपी में SIR को लेकर बड़ा फैसल, 11 दिसंबर तक भरे जायेंगे SIR प्रक्रिया#
#लखनऊः उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के लिए राहत भरी खबर है. चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ा दी है. अब 4 की बजाय 11 दिसंबर तक मतदाता अपना एसआईआर फॉर्म जमा कर सकेंगे. यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की तरफ से एसआईआर फॉर्म भरने और डिजिटलाइज करने की आखिरी तिथि बढ़ाने की जानकारी दी है. नवदीप रिणवा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इन दिनों तेजी से एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है. बीएलओ मतदाताओं को फोन कर और उनसे मिलकर फार्म भरवाने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं. जिससे मतदाता सूची में किसी का नाम न छूटने पाए. जो ऐसे नाम अभी तक शामिल हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है उन्हें सूची से बाहर निकाला जा सके. अभी तक उत्तर प्रदेश में चार नवंबर से शुरू हुई एसआईआर की प्रक्रिया चार दिसंबर को खत्म होने वाली थी. लेकिन भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से देश के सभी राज्यों में यह प्रक्रिया 11 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है#
#बता दें कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर के काम का प्रेशर इतना था कि बीएलओ परेशान होकर आत्महत्या तक करने लगे हैं. किसी की हार्ट अटैक आने से तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल तक में भर्ती होना पड़ रहा था. अब तक उत्तर प्रदेश में इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दबाव के चलते 7 बीएलओ की मौत हो चुकी है. कई बीएलओ का स्वास्थ्य खराब हो चुका है. हालांकि अब चुनाव आयोग की तरफ से इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि सात दिन और बढ़ने से कुछ हद तक बीएलओ को भी काम करने में आसानी होगी. उन्हें इतना दबाव नहीं झेलना पड़ेगा, साथ ही जनता को भी सहूलियत होगी कि वह आराम से अपना एसआईआर फॉर्म भरकर जमा कर सके#
#उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने को लेकर सभी राजनीतिक दल लगातार सक्रिय हैं. पार्टियों के बड़े नेता भी एसआईआर का फॉर्म भरकर जमा कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ता भी फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी करने में तेजी दिखाएं. किसी का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से रह न जाए. हाल ही में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एसआईआर का फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी की थी. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के रक्षा मंत्री व सांसद राजनाथ सिंह ने भी अपना फॉर्म भर कर जमा किया था. हालांकि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर देश भर में विपक्षी दल लगातार भारतीय जनता पार्टी के साथ ही चुनाव आयोग को घेर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में भी विपक्षी दल लगातार इसे साजिश बता रहे हैं. हालांकि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए वह इस प्रक्रिया में हिस्सा भी ले रहे हैं जिससे उनके हाथ से कहीं मौका निकल ही न जाए. अखिलेश यादव लगातार एसआईआर की समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं#

No comments