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#हरदोई:- शाहाबाद- एल एल बी छात्र का परीक्षा फार्म तिलक विवाद पर अटका#


#हरदोई:- शाहाबाद- एल एल बी छात्र का परीक्षा फार्म तिलक विवाद पर अटका#

#हरदोई: शाहाबाद- यह कोई गुरुकुल नहीं तिलक पर टोका टाकी का आरोपलगाते हुए, एलएलबी के छात्र ने बी. एन. पी. जी. कॉलेज पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए न केवल अपना परीक्षा फॉर्म शनिवार को अंतिम तारीख तक अटका देने की बात पर जोर दिया बल्कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों के समक्ष पेश होकर प्रार्थना पत्र दिया है। बी.एन.पी. जी. कॉलेज, शाहाबाद में तिलक लगाने को लेकर उपजा विवाद अब प्रशासनिक चौखट तक पहुंच गया है। एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र अमित यादव ने कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. उमर पर धार्मिक आस्था से जुड़े तिलक को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी और मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। छात्र का कहना है कि इसी कारण उसका परीक्षा फॉर्म अब तक नहीं भरा जा सका, जबकि अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2025 तक ही है, इसलिए उसने सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की है। शिकायतकर्ता अमित यादव पुत्र रामनरेश, निवासी खेड़ा बीबीजई ने तहसील शाहाबाद में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि वह नियमित रूप से तिलक लगाकर कॉलेज जाता है, जिस पर प्रधानाचार्य द्वारा उसे तिलक मिटाकर आने को कहा गया। छत्र का दावा है कि प्रधानाचार्य ने कहा- यह बी.एन. डिग्री कॉलेज है, कोई गुरुकुल नहीं। इस टिप्पणी से वह मानसिक रूप से आहत हुआ और प्रधानाचार्य की इसी मानसिकता से उसकी पढ़ाई व परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई छात्र का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह का व्यवहार न केवल उसको धार्मिक स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि संबैधानिक अधिकारों के भी विपरीत है। उसने मांग की है कि परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही बाधा को तत्काल दूर कराया जाए और मामले में उचित कार्रवाई हो। मामले की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे। नगर अध्यक्ष शुभम बाजपेई, नगर मंत्री अरुण गुप्ता, अमन चौहान सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रधानाचार्य के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी छात्र के साथ उसकी धार्मिक आस्था के आधार पर भेदभाव किया गया तो आंदोलन किया जाएगा वहीं, इस पूरे प्रकरण पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. उमर ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी छात्र को तिलक लगाने से न तो रोका है और न ही कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की है। प्रधानाचार्य के अनुसार, कॉलेज में सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार किया जाता है और लगाए गए आरोप निराधार हैं#

#फिलहाल मामला तहसील समाधान दिवस के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन जांच के बाद क्या कार्यवाही करेगी#

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