#हरदोई:- सरकारी अस्पताल, प्राइवेट उपचार, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में मरीज बेहाल#
#हरदोई:- सरकारी अस्पताल, प्राइवेट उपचार, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में मरीज बेहाल#
#मेडिकल कॉलेज में 01 रुपये का पर्चा, 819 रुपये की दवाई#
#हरदोई: मेडिकल कॉलज हरदोई में स्वास्थ्य सेवाएं कई सालों से बदहाल हैं, यहाँ मरीजों को बाहर की महंगी दवाइयां लिखकर खुलेआम लूटा जा रहा है, पर सरकारी सिस्टम बेखबर है। वैसे तो हरदोई स्वास्थ्य मंत्री बर्जेश पाठक का गृह जनपद है, पर मंत्री जी की नजरें यहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कभी इनायत नहीं होती। यही कारण हैं कि स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार बेलगाम हो गए हैं। सरकारी डॉक्टर मरीजों को अपना शिकार समझते हैं, और लगभग हर मरीज का लम्बा चौड़ा बिल बनाकर थमा दिया जाता है#
#कहने को तो यहाँ 01 रुपये का पर्चा बनता हैं, पर उस पर्चे के पीछे जब डाक्टरों का कारनामा शुरू होता है तो मरीजों को अपना घर, खेत भी बेंचना पड़ सकता है। विगत माह भी कई ऐसे उदाहरण सामने आये जिसमें ताज़ा मामला गहलोत नर्सिंग होम संचालित करने वाले सरकारी चिकित्सक का है, चिकित्सक ने एक रुपये के पर्चे पर मरीज को 1 लाख 60 हजार तक का इलाज में खर्चा होना बता दिया। मामला सुर्खियों में आया, पर कार्यवाही तो दूर प्रशासन ने जाँच कराना भी उचित नहीं समझा#
#हरदोई: निवासी एक व्यक्ति ने द टेलीकास्ट को डॉक्टर का सरकारी पर्चा और बाहर के मेडिकल स्टोर से मिली दवा का पर्चा दिखाते हुए बताया कि सरकारी दवा काउंटर पर केवल एक कैप्सूल ही मिला, बांकी दवाएं न होने की बात कहकर बाहर से मेडिकल स्टोर का नाम बता दिया गया। वहीं मेडिकल स्टोर से मिले बिल पर भी डॉक्टर का नाम अंकित है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज स्टॉफ और मेडिकल स्टोर संचालक की कमीशनखोरी से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि सभी दवाएं उपलब्ध हैं, बाहर से कोई दवा नहीं लिखी जाती है#

No comments