#हरदोई:- विवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पक्ष और पुलिस पर उठे सवाल#
#हरदोई:- विवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पक्ष और पुलिस पर उठे सवाल#
#हरदोई: दहेज की वेदी पर एक और बेटी की बलि चढ़ने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसने पुलिस प्रशासन और ससुराल पक्ष की नीयत को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हरदोई के पिहानी निवासी कय्यूम ने अपनी बहन तबस्सुम बानो की संदिग्ध मौत को लेकर खीरी के थाना नीमगांव अंतर्गत ग्राम बेहजम के ससुरालियों पर हत्या और प्रताड़ना का संगीन आरोप मढ़ा है।परिजनों का कलेजा तब फट गया जब उन्हें पता चला कि उनकी लाडली अब इस दुनिया में नहीं रही। भाई कय्यूम का सीधा आरोप है कि शादी के बाद से ही पति लुकमान, देवर मेहरबान, ननद और बहनोई मिलकर तबस्सुम को दहेज के लिए खून के आंसू रुला रहे थे। आरोप है कि उसे बेरहमी से पीटा जाता था और कई बार जान से मारने की धमकियां देकर घर से धकेला गया। हद तो तब हो गई जब तबीयत बिगड़ने पर भी जालिम ससुरालियों ने उसे इलाज नहीं कराया और मौत के बाद मायके वालों को सूचना तक देना मुनासिब नहीं समझा। इस पूरे मामले में बेहजम चौकी इंचार्ज और नीमगांव पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस न्याय दिलाने के बजाय ससुराल पक्ष की ढाल बन गई और दबाव बनाकर हत्या के इस मामले को ‘बीमारी’ का रूप देने की कोशिश की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब वे शव देखने पहुंचे तो उनके साथ न केवल अश्लील व्यवहार किया गया, बल्कि पुलिस की मौजूदगी में उन्हें धमकाया भी गया#
#न्याय की गुहार: “साहब! मेरी बहन को इंसाफ दिलाओ#
#विवाहिता की मौत से पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। मायके पक्ष ने अब जिले के आलाधिकारियों की चौखट पर दस्तक दी है। उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम हो और उन पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा की जाए जिन्होंने दोषियों को बचाने का प्रयास किया। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन रसूखदार आरोपियों और दागदार खाकी के खिलाफ कड़ा एक्शन लेता है या न्याय की फाइल दबकर रह जाएगी#

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