#नैमिषारण्य: स्थित हनुमानगढ़ी महंत पवन दास ने नैमिषारण्य पहुंचे रामादल परिक्रमा पड़ाव के संबंध में महर्षि दधीचि के माहात्म्य को बताया उन्होंने कहा वृत्रासुर का वध सतयुग में नर्मदा तट पर देवराज इंद्र द्वारा किया गया था#
#नैमिषारण्य: स्थित हनुमानगढ़ी महंत पवन दास ने नैमिषारण्य पहुंचे रामादल परिक्रमा पड़ाव के संबंध में महर्षि दधीचि के माहात्म्य को बताया उन्होंने कहा वृत्रासुर का वध सतयुग में नर्मदा तट पर देवराज इंद्र द्वारा किया गया था। महर्षि दधीचि की अस्थियों से बने वज्र से समुद्र के फेन (झाग) का उपयोग करके इंद्र ने वृत्रासुर का सिर काटा। यह एक अत्यंत शक्तिशाली राक्षस था जिसे ब्रह्मा जी ने वरदान दिया था इसलिए उसे केवल किसी ऋषि की हड्डियों के शस्त्र से ही मारा जा सकता था। सुनिए (द टेलीकास्ट) के साथ हुई चर्चा के कुछ अंश#

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