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#हरदोई:- बेनीगंज- थाना बना यातना गृह! बेनीगंज में पुलिसिया ज़ुल्म की सनसनीख़ेज़ कहानी#


#हरदोई:- बेनीगंज- थाना बना यातना गृह! बेनीगंज में पुलिसिया ज़ुल्म की सनसनीख़ेज़ कहानी#

#हरदोई: बेनीगंज- कानून और न्याय की रक्षा का जिम्मा संभालने वाली पुलिस व्यवस्था पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब बेनीगंज कोतवाली में एक युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए। फोन पर कथित गाली-गलौज के एक मामले में युवक से गुनाह कबूल कराने के लिए थर्ड डिग्री टॉर्चर दिए जाने की बात कही जा रही है, जिसने आम नागरिकों के मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के शुक्लापुर निवासी 20 वर्षीय हरिओम शुक्ला पुत्र मदन गोपाल शुक्ला का कहना है कि करीब दो माह पूर्व कछौना थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला से फोन पर बातचीत की कथित कॉल रिकॉर्डिंग किसी तरह अटवा-भदसेन गांव निवासी उसके रिश्ते में देवर अनीत वर्मा के हाथ लग गई। इसके बाद कथित रूप से कोथावां निवासी पत्रकार लालजीत वर्मा ने उससे संपर्क कर गंभीर धाराओं में फंसाने की बात कहते हुए धन की मांग की#

#पीड़ित के अनुसार, जब उसने रुपये देने से मना किया तो अनीत वर्मा द्वारा बेनीगंज कोतवाली में उसकी नाबालिग पुत्री से गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए लिखित तहरीर दे दी गई। इसके बाद पुलिस उसे कोतवाली बुलाकर ले आई। बताया गया कि बृहस्पतिवार सुबह कोतवाली पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद कुछ लोग उस पर मानसिक दबाव बनाने लगे। इस दौरान इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सरोज ने कार्रवाई की बात कही, लेकिन उनके वहां से चले जाने के बाद हालात और बिगड़ गए। आरोप है कि कोतवाली में मौजूद मुंशी तेजवीर सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने मुकदमा दर्ज न करने और मामले को समाप्त करने के बदले बड़ी रकम की मांग की#

#हरिओम का आरोप है कि जब उसने असमर्थता जताई तो उसके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई। बाद में उसे संडीला उप-जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पीड़ित का यह भी कहना है कि कोतवाली में उसके साथ हुई मारपीट का वीडियो कथित रूप से बनाया गया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और अधिक प्रभावित हुई। वहीं, जिस महिला का नाम पूरे प्रकरण में जोड़ा गया है, उसने साफ शब्दों में किसी भी तरह की फोन पर बातचीत या कॉल रिकॉर्डिंग से इनकार करते हुए इसे साजिश करार दिया है। महिला का बयान वीडियो के रूप में सुरक्षित बताया जा रहा है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि थाने में ही आम नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो न्याय की उम्मीद कहां की जाए। मामले में क्षेत्राधिकारी हरियावां अजीत सिंह ने कहा है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी#

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