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#हरदोई:- भरखनी- सांडी- शिक्षा विभाग में ‘महीना वसूली’ का खेल- BEO की शह पर गायब शिक्षक, फर्जी नियुक्तियां और करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप#

#हरदोई:- भरखनी- सांडी- शिक्षा विभाग में ‘महीना वसूली’ का खेल- BEO की शह पर गायब शिक्षक, फर्जी नियुक्तियां और करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप#

#हरदोई: जनपद के भरखनी व सांडी विकास खंड में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि *खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की कथित शह पर कई शिक्षक विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराए बिना घर, दुकान और निजी कार्यों में लगे हैं, जबकि इसके एवज में उनसे हर महीने मोटी रकम वसूली जा रही है#

#सूत्रों के मुताबिक, भरखनी के BEO डॉ. सुनील कुमार सिंह पर आरोप है कि करीब 70 शिक्षकों से ₹5,000 से ₹10,000 प्रति माह तक अवैध वसूली की जा रही है। यह वसूली कथित तौर पर शिक्षकों की अनुपस्थिति को “सेटिंग” के जरिए दबाने के नाम पर की जाती है। स्थिति यह है कि कुछ शिक्षक महीने में गिने-चुने दिन ही स्कूल जाते हैं, जबकि कुछ पूरे साल गायब रहते हैं—और इसके लिए अलग-अलग “रेट” तय हैं#

#फर्जी शिक्षक और ‘प्रॉक्सी सिस्टम’ का आरोप#

#मामले में यह भी सामने आया है कि कई विद्यालयों में अनधिकृत (फर्जी) शिक्षक पढ़ा रहे हैं, जो सीधे तौर पर विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। यह व्यवस्था न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है, बल्कि पूरे सिस्टम की साख पर सवाल खड़े कर रही है#

#कम्पोजिट ग्रांट में 20% तक ‘कट#

#आरोप है कि विद्यालयों को मिलने वाली *कम्पोजिट ग्रांट राशि में से 20% तक अवैध कटौती की जा रही है*, और इसमें ऊपर तक हिस्सेदारी पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे सरकारी धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है और विद्यालयों की बुनियादी व्यवस्थाएं चरमराती जा रही हैं#

#चहेते’ शिक्षक पर तीन स्कूल चलाने का आरोप#

#खंड शिक्षा अधिकारी के करीबी बताए जा रहे, शिक्षक #अभिषेक सोमवंशी पर आरोप है। कि वे अपने *मूल विद्यालय में अनुपस्थित रहते हुए करीब 2 वर्षों से तीन विद्यालयों का संचालन कर रहे हैं।* जबकि संबंधित विद्यालयों में पहले से शिक्षकों की तैनाती हो चुकी है। इसके बावजूद सरकारी वेतन का लाभ उठाया जा रहा है#

#निर्माण कार्य में बंदरबांट, एक साल में ही दरारें#

#अभिषेक सोमवंशी पर यह भी आरोप है। कि उन्होंने BEO के संरक्षण में विद्यालयों के अतिरिक्त कक्ष निर्माण के बजट में बंदरबांट कराई। लखनौर समेत कई ग्राम पंचायतों में बने निर्माण कार्य एक वर्ष भी नहीं टिक सके और उनमें दरारें पड़ गईं, जो गुणवत्ता और भ्रष्टाचार दोनों पर गंभीर सवाल उठाता है#

#सेवानिवृत्त शिक्षक पर भी मेहरबानी#

#विकासखंड भरखनी के पाली कन्या प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय पाली से जुड़े प्रधानाध्यापक/इंचार्ज ,करुणाकांत मिश्र, जो मार्च 2026 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके खिलाफ MDM और कम्पोजिट ग्रांट की जांच अब तक पूरी नहीं हुई- आरोप है कि "BEO द्वारा" जांच लंबित रखकर उन्हें संरक्षण दिया गया#

#गौरतलब है कि *करुणाकांत मिश्र* पहले 2019-20 में निलंबित भी हो चुके हैं, और उन पर *कोविड काल में बच्चों को भेजी जाने वाली धनराशि में गड़बड़ी के भी आरोप हैं।* ऐसे में सवाल उठ रहा है कि *क्या बिना जांच पूरी हुए ऐसे शिक्षक को पेंशन दी जाएगी#

#शोबाजी बनाम जमीनी हकीकत#

#आरोप यह भी है कि कुछ शिक्षक और अधिकारी “शोबाजी” और “मक्खनबाजी” के जरिए उच्चाधिकारियों को गुमराह कर खुद को मेहनती साबित करते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था बदहाल होती जा रही है#

#जांच और कार्रवाई की मांग#

#पूरा मामला शिक्षा व्यवस्था में गहरे बैठे भ्रष्टाचार, मिलीभगत और लापरवाही की ओर इशारा करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर निष्पक्ष जांच कर ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा#

#उक्त- शिक्षक करूणाकांत#

#मिश्राद्वारा जबरन दबाव या धमकी* आदि‌का भय दिखाया जाता है। ठीक इसी प्रकार *कन्या प्राथमिक विद्यालय पाली* बाजार में *पुत्र वधू* की नियुक्ती भी संदेह के घेरे में है जो *फर्जी दिव्यांगता* के आधार पर होना बताया गया है#

#नोट: यह समाचार स्थानीय सूत्रों और प्राप्त शिकायतों पर आधारित है। निष्पक्ष जांच के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संभव है#

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