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#हरदोई:- गुरु-शिष्य के रिश्ते ने राजनीति को किया नम, अंतिम विदाई में भावुक हुए भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन#



#हरदोई:- गुरु-शिष्य के रिश्ते ने राजनीति को किया नम, अंतिम विदाई में भावुक हुए भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन#

#हरदोई: की सियासत से एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई, जिसने यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल समीकरणों और रणनीतियों का खेल नहीं, बल्कि रिश्तों और संवेदनाओं से भी गहराई से जुड़ी होती है। भाजपा के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन अपने राजनीतिक गुरु और पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय राम किशोर गुप्ता ‘गुड्डू’ को अंतिम विदाई देते समय खुद को संभाल नहीं सके#

#अंतिम संस्कार के दौरान जैसे ही अजीत सिंह बब्बन ने अपने गुरु के पार्थिव शरीर पर भगवा ध्वज अर्पित किया, उनका संयम टूट गया। संगठन में अपनी मजबूत छवि के लिए पहचाने जाने वाले बब्बन उस पल पूरी तरह एक भावुक शिष्य बन गए। उनकी आंखों से बहते आंसुओं ने वहां मौजूद हर कार्यकर्ता को भावुक कर दिया और माहौल गमगीन हो गया#

#करीब 30 साल पुरानी यादें भी इस मौके पर ताजा हो उठीं। बब्बन ने बताया कि 90 के दशक के मध्य में, जब वे एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में संगठन से जुड़े थे, तब उनकी पहली मुलाकात गुड्डू भैया से हुई थी। महुईपुरी गांव में हुई उस मुलाकात ने एक ऐसे रिश्ते की नींव रखी, जो समय के साथ और मजबूत होता गया#

#गुड्डू गुप्ता ने न सिर्फ बब्बन का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्हें संगठन में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। उन्होंने अपने वादे को निभाते हुए बब्बन को युवा मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी और हर कदम पर उनका साथ दिया। यही कारण रहा कि यह रिश्ता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार जैसा बन गया#

#जब गुड्डू भैया इस दुनिया में नहीं हैं, तो उनके साथ बिताए पल और दी गई सीख ही बब्बन के लिए सबसे बड़ी धरोहर बन गई है#

#हरदोई: भाजपा के लिए यह क्षति केवल एक नेता के निधन की नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक के खोने की है, जिसने कई कार्यकर्ताओं को दिशा दी। अजीत सिंह बब्बन की आंखों से बहते आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि राजनीति में रिश्ते सिर्फ औपचारिक नहीं होते वे दिल से जुड़े होते हैं और जीवनभर साथ रहते है। हरदोई: BJP अजीत सिंह बब्बन रामकिशोर गुप्ता गुरु शिष्य राजनीति- भावुक पल#

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