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#हरदोई:- शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का जाल, बीएसए पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच पर उठे बड़े सवाल#


#हरदोई:- शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का जाल, बीएसए पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच पर उठे बड़े सवाल#

#हरदोई: जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। जिलाधिकारी द्वारा लगातार प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शासन को भेजी गई आख्या के आधार पर शासन ने पूरे प्रकरण की जांच हेतु संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल को जांच अधिकारी नामित किया है#

#लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब आरोपों के केंद्र में स्वयं बीएसए हैं, तो उनके पद पर बने रहते हुए निष्पक्ष जांच कैसे संभव होगी? मांग उठ रही है कि जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बीएसए को तत्काल पद से हटाकर किसी निष्पक्ष और ईमानदार अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए#

#खंड शिक्षा अधिकारियों पर वसूली का आरोप#

#विकासखंड कछौना, संडीला, भरखनी, सांडी और शाहाबाद से सामने आई शिकायतों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। शिक्षकों का आरोप है कि कंपोजिट ग्रांट के सत्यापन और जांच के नाम पर खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा 20% तक की अवैध वसूली की जा रही है। विरोध करने पर शिक्षकों को प्रताड़ना और विभागीय कार्रवाई की धमकी दी जाती है#

#सूत्रों का कहना है कि यदि इन मामलों की सैंपल जांच कराई जाए और संबंधित अभिलेख खंगाले जाएं, तो सच्चाई सामने आ सकती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को हटाना जरूरी बताया जा रहा है#

#निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता#

#विकासखंड भरखनी सहित कई क्षेत्रों में विद्यालयों के निर्माण कार्यों में भी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। वर्ष 2023-24 और 2024-25 के अंतर्गत कई विद्यालयों में शासनादेश के अनुरूप कार्य पूरे नहीं किए गए। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अधूरे निर्माण की पुष्टि स्थलीय जांच से संभव बताई जा रही है#

#छपाई घोटाला और कार्यक्रमों में गड़बड़ी#

#जनपद स्तर पर संचालित विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों—नव भारत साक्षरता अभियान, निपुण सम्मान समारोह, खेलकूद प्रतियोगिताएं, महिला दिवस, बाल उत्सव समेत कई योजनाओं में भारी अनियमितता के आरोप सामने आए हैं#

#आरोप है कि एक शिक्षक द्वारा फर्जी कोटेशन और मिलीभगत से छपाई कार्य कराकर कमीशनखोरी की गई। इतना ही नहीं, वार्षिक प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री भी घटिया गुणवत्ता की छपवाई गई, जिससे सीधे तौर पर छात्रों की शिक्षा प्रभावित# हुई।

#कार्यालय में बिना कार्य लाखों का भुगतान#

#सबसे चौंकाने वाला मामला मार्च माह में कार्यालय की रंगाई-पुताई और अन्य कार्यों के नाम पर सामने आया है। आरोप है कि बिना कार्य कराए ही लाखों रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया, जो विभागीय अभिलेखों की जांच से उजागर हो सकता है#

#प्रशासन की साख दांव पर#

#लगातार सामने आ रही शिकायतों और आरोपों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी हो सकती हैं। अब देखना यह है कि शासन और प्रशासन इस पूरे मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है#

#जनता और शिक्षकों की एक ही मांग- निष्पक्ष जांच, सख्त कार्रवाई#

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