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#हरदोई:- संडीला- विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की रोकथाम बुजुर्ग की गरिमा कानूनी सहायता तथा कल्याणकारी सहायता तन्त्रो की उपलब्धता विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन#


#हरदोई:- संडीला- विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की रोकथाम बुजुर्ग की गरिमा कानूनी सहायता तथा कल्याणकारी सहायता तन्त्रो की उपलब्धता विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन#

#राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ, के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई के अध्यक्ष /माननीय जनपद न्यायाधीश श्रीमती रीता कौशिक ,अपर मुख्य मजिस्ट्रेट/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई श्रीमती काव्या सिंह के निर्देशानुसार व तहसील विधिक सेवा समिति संडीला सचिव /तहसीलदार श्री अमित यादव जी के निर्देशन मे तहसील संडीला के अंतर्गत ग्राम पंचायत जमसारा माजरा भोला खेड़ा में विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की रोकथाम बुजुर्ग की गरिमा कानूनी सहायता तथा कल्याणकारी सहायता तंत्रों की उपलब्धता विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया#

#जिसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान पति द्वारा की गई लीगल एड क्लीनिक राम मूर्ति बताया गया भारत में बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार रोकने और उनकी गरिमा सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 एक प्रमुख कानूनी हथियार है। इसके तहत ट्राइबल बुजुर्गों को शारीरिक, वित्तीय या भावनात्मक प्रताड़ना से बचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और भरण-पोषण (खाना, कपड़ा, चिकित्सा) का अधिकार प्रदान करता है।बुजुर्गों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने वाले मुख्य कानूनी प्रावधान और सहायता इस प्रकार हैं#

#प्रमुख कानूनी अधिकार संपत्ति की सुरक्षा: यदि किसी बुजुर्ग ने अपनी संपत्ति बच्चों/वारिसों के नाम इस शर्त पर की हो कि वे बुढ़ापे में उनकी देखभाल करेंगे, लेकिन बाद में वे उपेक्षा या दुर्व्यवहार करते हैं, तो बुजुर्ग भरण-पोषण अधिनियम की धारा 23 के तहत उस संपत्ति के ट्रांसफर (Gift Deed) को रद्द या शून्य घोषित करवा सकते हैं।घर से बेदखल करने का अधिकार: माननीय सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के फैसलों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति से दुर्व्यवहार करने वाली संतानों या रिश्तेदारों को बेदखल कर सकते हैं। इसी संबंध में रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया#

#शिविर में p L v राकेश कुमार के द्वारा बताया गया 'बुजुर्ग सीधे अपने जिले के 'मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल' में शिकायत कर सकते हैं। ट्रिब्यूनल बच्चों को एक निश्चित मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दे सकता है। बुजुर्गों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता (Legal Aid)मुफ्त वकील और सलाह: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के अंतर्गत, समाज के कमजोर वर्गों और महिलाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी आय सीमा या आय की बाध्यता के मुफ्त कानूनी सहायता, कोर्ट फीस में छूट और मुफ्त वकील की सुविधा दी जाती है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण: आप सीधे अपने जिला अदालत परिसर में स्थित 'DLSA' (District Legal Services Authority) कार्यालय में जाकर अपना आवेदन दे सकते हैं#

#हेल्पलाइन और सहायता तंत्रनेशनल हेल्पलाइन 'एल्डरलाइन': भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा एल्डरलाइन (14567) संचालित है। यह टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चालू रहता है, जहाँ दुर्व्यवहार की रिपोर्ट करने, काउंसलिंग और कानूनी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है।हेल्पएज इंडिया: HelpAge India जैसी गैर-सरकारी संस्थाएं भी बुजुर्गों के लिए कानूनी साक्षरता, बचाव और स्वास्थ्य देखभाल के लिए काम करती हैं।यदि आप या आपके परिचित किसी कानूनी सलाह, संपत्ति विवाद या दुर्व्यवहार की स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो मुझे बताएं:क्या आप मुफ्त कानूनी सहायता (वकील) प्राप्त करना चाहते हैं?क्या यह विवाद संपत्ति या भरण-पोषण से जुड़ा है?क्या आप स्थानीय स्तर की हेल्पलाइन या पुलिस सुरक्षा के विवरण में रुचि रखते हैं?मैं आपको सटीक प्रशासनिक या कानूनी कदम उठाने में मदद कर सकता है तथा#

#जनकल्याणकारी योजनाओं के विषय पर जानकारी की गई। विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मातृत्व वंदना योजना, आदि विषय पर जानकारी दी गई। शिविर में बुजुर्क आम जनमानस लोग उपस्थित रहे#

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