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#आज़मगढ़:- को नम्बर एक दिखाने के लिए IGRS पर लगाई जा रहीं फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट#


#आज़मगढ़:- को नम्बर एक दिखाने के लिए IGRS पर लगाई जा रहीं फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट#


#आज़मगढ़:- को नम्बर एक दिखाने के लिए IGRS पर लगाई जा रहीं फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट#

#आज़मगढ़:- को नम्बर एक दिखाने के लिए IGRS पर लगाई जा रहीं फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट#

#नहीं मिल पा रहा वास्तविक पीड़ितों को न्याय, सरकार की मंशा हो रही फेल#

#पीड़ित अभिषेक ने न्याय न मिलने पर आमरण अनशन व आत्मदाह की दी चेतावनी#

#आजमगढ़: अम्बारी- अहरौला- थाना क्षेत्र के कंदरा गांव निवासी अभिषेक उपाध्याय ने फूलपुर तहसील के राजस्व कर्मचारियों, विशेषकर क्षेत्रीय लेखपाल पर आईजीआरएस पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाने और जमीन की पैमाइश के बाद भी रकबा सार्वजनिक न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, राजस्व परिषद, मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह आमरण अनशन और आत्मदाह करने को मजबूर होंगे#

अभिषेक उपाध्याय का आरोप है कि उनकी शिकायत पर क्षेत्रीय लेखपाल ने विपक्षियों के पक्ष में फर्जी रिपोर्ट लगाकर आईजीआरएस का निस्तारण कर दिया। उनका कहना है कि लेखपाल ने यह कहकर हस्ताक्षर करा लिए कि पहले आईजीआरएस को डिफाल्टर होने से बचाना है, बाद में पैमाइश कर विवाद का समाधान कर दिया जाएगा#

#पीड़ित के अनुसार, उनकी माता किरन और पिता अशोक कुमार के नाम कंदरा गांव में दो चक दर्ज हैं। कुछ लोगों ने भूमि का बैनामा कराया है और वे अपने हिस्से पर काबिज हैं, लेकिन करीब तीन से चार बीघा भूमि पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। उनका आरोप है कि राजस्व टीम भी विपक्षियों के पक्ष में कार्य कर रही है#

#शिकायत के बाद उप जिलाधिकारी फूलपुर के निर्देश पर गठित राजस्व टीम ने 24 जून को मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद रकबा सार्वजनिक नहीं किया गया। अभिषेक का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। उन्होंने सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा पैमाइश कराकर कब्जामुक्त भूमि दिलाने की मांग की है#

#पक्ष :- उप जिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने बताया कि मामला सहखातेदारों से जुड़ा और जटिल है। आईजीआरएस शिकायत के क्रम में भूमि की पैमाइश कराई गई है, लेकिन बंटवारा एवं बेदखली की कार्रवाई राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद ही संभव होगी। इसलिए संबंधित पक्षों को न्यायालय की शरण लेनी होगी। और इसी के साथ एसडीएम ने अपना

 पल्लू झाड़#

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