#हरदोई:- संडीला- विधानसभा- भाजपा की हैट्रिक, बसपा की वापसी या, सपा का करिश्मा#
#हरदोई:- संडीला- विधानसभा- भाजपा की हैट्रिक, बसपा की वापसी या, सपा का करिश्मा#
#हरदोई: जनपद की संडीला विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। विधानसभा सीट बनने के शुरुआती वर्षों में यहां कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन समय के साथ यह सीट भाजपा और बसपा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई का केंद्र बन गई। समाजवादी पार्टी अब तक इस सीट पर केवल एक बार ही जीत दर्ज कर सकी है#
#एक दौर में कांग्रेस की कुदसिया बेगम का इस सीट पर खासा प्रभाव रहा। इसके बाद 90 के दशक में भाजपा ने लगातार दो बार कमल खिलाकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में बसपा के अब्दुल मन्नान ने जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए। उन्होंने लगातार तीन चुनाव जीतकर हैट्रिक बनाई और बसपा सरकार में मंत्री भी रहे#
#वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी के कुंवर महावीर सिंह ने जीत दर्ज कर बसपा के विजय अभियान को रोका, लेकिन 2017 और 2022 के चुनाव में भाजपा ने लगातार दो बार जीत हासिल कर इस सीट पर अपना मजबूत जनाधार साबित किया#
#अब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। बसपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अब्दुल मन्नान अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं भाजपा लगातार तीसरी जीत दर्ज कर कांग्रेस के सर्वाधिक जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की रणनीति बना रही है। यदि भाजपा एक बार फिर मौजूदा विधायक अल्का अर्कवंशी को उम्मीदवार बनाती है, तो मुकाबला अब्दुल मन्नान से होने की संभावना जताई जा रही है#
#समाजवादी पार्टी को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता, लेकिन टिकट के कई दावेदार होने के कारण पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति दिखाई दे रही है। उम्मीदवार चयन के बाद ही सपा की वास्तविक चुनावी ताकत का आकलन हो सकेगा#
#ऐसे में संडीला विधानसभा सीट पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा हैट्रिक लगाकर इतिहास रचेगी, क्या बसपा अपने पुराने जनाधार की वापसी कर पाएगी, या फिर समाजवादी पार्टी सभी समीकरणों को पीछे छोड़ते हुए बड़ा उलटफेर करेगी? इसका जवाब आने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजे ही देंगे#

No comments