पत्रकारों के लिए बड़ी खबर ,नहीं दर्ज होगा फर्जी मुकदमा। संपादक/ डीपी सिंह चौहान/ खोज जारी है. न्यूज: चैनल/ हिंदी दैनिक समाचार पत्र: की खास रिपोर्ट:
पत्रकारों के लिए बड़ी खबर ,नहीं दर्ज होगा फर्जी मुकदमा।
संपादक/ डीपी सिंह चौहान/ खोज जारी है. न्यूज: चैनल/ हिंदी दैनिक समाचार पत्र: की खास रिपोर्ट:
पत्रकारों के लिए बड़ी खबर ,नहीं दर्ज होगा फर्जी मुकदमा।
संपादक/ डीपी सिंह चौहान/ खोज जारी है. न्यूज: चैनल/ हिंदी दैनिक समाचार पत्र: की खास रिपोर्ट:
काउंसिल ऑफ इंडिया* ने सरकार को निर्देशित किया है, कि किसी भी पत्रकार पर कोई भी फर्जी मुकदमा दर्ज नहीं किया जाए, और अगर ऐसा करती है तो मुकदमा दर्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। आपको बता दें कि अगस्त में मिड डे मील में नमक के साथ रोटी खिलाने की एक खबर प्रकाशित हुई थी। जिसमें पत्रकार प्रकाश जायसवाल ने यह खबर प्रमुखता से दिखाई थी और उसी खबर पर उस वक्त आक्रोशित होकर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उस पर आज पीसीआई ने प्रयागराज में सुनवाई की और सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया, इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। और भविष्य में किसी भी पत्रकार के खिलाफ कोई मुकदमा इस तरह का दर्ज नहीं होना चाहिए। जिससे जो पत्रकार सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाता है अगर आप उस पर षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज करेंगे तो फिर कौन पत्रकारिता करेगा। जस्टिस चंद्र मौली का यह निर्णय भविष्य में नजीर बनेगा।।।
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पत्रकारों के लिए बड़ी खबर ,नहीं दर्ज होगा फर्जी मुकदमा।
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काउंसिल ऑफ इंडिया* ने सरकार को निर्देशित किया है, कि किसी भी पत्रकार पर कोई भी फर्जी मुकदमा दर्ज नहीं किया जाए, और अगर ऐसा करती है तो मुकदमा दर्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। आपको बता दें कि अगस्त में मिड डे मील में नमक के साथ रोटी खिलाने की एक खबर प्रकाशित हुई थी। जिसमें पत्रकार प्रकाश जायसवाल ने यह खबर प्रमुखता से दिखाई थी और उसी खबर पर उस वक्त आक्रोशित होकर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उस पर आज पीसीआई ने प्रयागराज में सुनवाई की और सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया, इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। और भविष्य में किसी भी पत्रकार के खिलाफ कोई मुकदमा इस तरह का दर्ज नहीं होना चाहिए। जिससे जो पत्रकार सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाता है अगर आप उस पर षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज करेंगे तो फिर कौन पत्रकारिता करेगा। जस्टिस चंद्र मौली का यह निर्णय भविष्य में नजीर बनेगा।।।

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