जिला विकास अधिकारी के द्वारा 2010 से कार्यरत ब्लाक सोशल आडिट कर्मचारी के अनुबंध को नकारा।

अमेठी। कार्यालय जिला कार्यक्रम समन्वय/जिलाधिकारी छत्रपति शाहूजी महाराज नगर जो अब अमेठी है के पत्र संख्या 111/ एसटी-मुविअ/ नरेगा सामा०/ सामा० अंकेक्षण/2010 दिनांक 10/8/2010 कार्यालय आदेश के तहत नियुक्ति थी जिसमें एक वर्ष अथवा योजना लागू रहने तक या जो भी पहले हो उसी पर 100 रुपये के स्टाम्प पर संबिदा ग्राम विकास विभाग द्वारा करवाया गया था एक वर्ष अथवा योजना लागू रहने तक के लिए जो भी पहले हो के नियम और आधार पर कर्मचारीयो ने अपनी नौकरी करना आरम्भ किया और नौकरी लगातार चलती रही बिना किसी बिघ्न बाधा के कि अचानक जिला विकास अधिकारी श्री बंशीधर सरोज ने एक तुग-लकी फरमान संख्या ०२/ सो० आ०/ ब्लाक- सो० आ० को० नवीकरण/2018 दिनांक 2 अप्रैल 2018 जारी कर 2010से कार्यरत कर्मचारियों को संकट में डाल दिया पुनः ब्लाक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर चंद्रप्रकाश सरोज (ब्लाक जामो) को नौकरी दे दी और कुछ महीने बाद संगीत मौर्य (ब्लाक अमेठी) की नौकरी चालू करा दी और उसके बाद जनवरी २०२० में दो कर्मचारी आनन्द पांण्डेय(ब्लाक शुक्ल बाजार) और मालती देवी (ब्लाक भादर) की नौकरी चालू करा दिया लाभ लेकर और शेष बचे कर्मचारियों प्रतिमा त्रिपाठी (ब्लाक गौरीगंज) , शीला देवी (ब्लाक संग्राम पुर) सरिता देवी (ब्लाक भेटुआ),दिलीप कुमार उपाध्याय (ब्लाक शाहगढ) को दांव पेंच लगा कर हीला हवाली की जा रही है जब संबंधित कर्मचारी द्वारा जनसुनवाई पर शिकायत 80000190197716 पर महोदय द्वारा यह उत्तर दिया गया की मा० उच्च न्यायालय के आदेश होने पर पालन किया जायेगा उक्त कर्मचारी द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत 91820300000638 पर निस्तारण किया गया जिसमें खंण्ड विकास अधिकारी गौरीगंज द्वारा बताया गया की हमारे द्वारा सभी माह का पेरोल भेज दिया गया जिला विकास अधिकारी महोदय के अस्तर से देय यहां तकी 30 दिवसीय ट्रेनिंग और सोशल आडिट में ब्लक बहादुरपुर और भादर मेें सोशल आडिट की बिडियो ग्राफी का भुगतान रोका गया लाभ ना पाने के कारण मानदेय संबंधित कर्मचारी को अभी तक नहीं दिया जा रहा है जबकि यह आठ सोशल आडिट कर्मचारी प्रतिमा त्रिपाठी आदि माननीय उच्च न्यायालय खंण्ड पीठ लखनऊ मे याचिका संख्या 6864/2016 में अभी भी बिचारा धीन है महोदय द्वार इस याचिका में बिचाधीन कर्मचारी चन्द्रप्रकाश सरोज,संगीता मौर्य, मालती देवी, अनन्द पांण्डेय किस लाभ पाने के कारण नौकरी पर बुलाने का निर्णय लिया जा रहा है और याचिका में बाकी बिचारा धीन कर्मचारीयों को नौकरी पर नहीं बुलाया जाता है..जनपद मे जिला विकास अधिकारी के द्वारा चलाई जा रही ऐसी कानून व्यवस्था पर सरकार और आला अफसरान बिचार करे...... जिससे न्याय से बंचित ब्लाक सोशल आडिट कर्मचारी (मनरेगा) को न्याय मिल सके।
अमेठी ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल खोज जारी है न्यूज चैनल की रिपोर्ट।
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