#@खोज जारी है. न्यूज@# #@यूपी:- पंचायत चुनाव@# #@लखनऊ:- यूपी पंचायत चुनाव कब होंगे, कितनी सीटें, क्या तैयारी, जानिए हर सवाल का जवाब@#...
#@खोज जारी है. न्यूज@#
#@यूपी:- पंचायत चुनाव@#
#@लखनऊ:- यूपी पंचायत चुनाव कब होंगे, कितनी सीटें, क्या तैयारी, जानिए हर सवाल का जवाब@#...
#@यूपी की पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसम्बर 2020 को ही खत्म हो गया था, 26 दिसंबर को सभी ग्राम पंचायत पूर्णतया भंग कर दी गई थी। कोरोना के चलते हुई देरी के बाद अब इस साल अप्रैल तक पंचायत चुनाव कराने की योजना है। जानिए यूपी पंचायत चुनाव से जुड़े हर सवाल का जवाब@#
#@यूपी: की पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसम्बर 2020 को ही खत्म हो गया था@#
#@/26 दिसंबर 2020 को यूपी की सभी ग्राम पंचायत पूर्णतया भंग कर दी गई थी@#
#@यूपी में इस साल 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव के आदेश हैं, जानिए सबकुछ@#
#@वक़्त नहीं है? हाइलाइट्स पढ़ने के लिए डाउनलोड ऐप@#
#@यूपी में पहला पंचायत चुनाव कब हुआ था,@#
#@पंचायती राज ऐक्ट का गठन 1947 में हुआ था जिसके बाद 1949 में पंचायतों की स्थापना हुई थी। हालांकि यूपी में 1994 में 73वां संविधान संशोधन ऐक्ट लागू होते ही यूपी पंचायत राज अधिनियम-1947 और यूपी क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत अधिनियम-1961 में संशोधन कर संवैधानिक व्यवस्था की गई। आरक्षण व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग का गठन हुआ और फिर 1995 में पहली बार पंचायत चुनाव कराए गए@#
#@अब तक कितने पंचायत चुनाव हो चुके हैं.@#
#@तीसरा चुनाव 2005 में, चौथा चुनाव 2010 में और पांचवा चुनाव 2015 में संपन्न हुआ था@#
#@इस बार कब होंगे यूपी पंचायत चुनाव@#
#@यूपी पंचायत चुनाव (up panchayat chunav) की तारीख अभी तय नहीं है हालांकि हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव संपन्न करा लिए जाएं। यूपी सरकार बोर्ड परीक्षाओं से पहले चुनाव कराने के प्रयास में हैं@#
#@कितनी पंचायतों पर होना है चुनाव@#
#@पंचायत चुनाव में 3 तरह के चुनाव होते हैं.पहला जिला पंचायत, दूसरा क्षेत्र पंचायत और तीसरा ग्राम पंचायत@# #@इसीलिए इसे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कहते हैं। प्रदेश में 75 जिला पंचायत, 821 क्षेत्र पंचायत और 59074 ग्राम पंचायत की सीटों पर चुनाव होने हैं@#
#@किस कारण से चुनाव में हुई देरी@#
#@यूपी की पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसम्बर 2020 को ही खत्म हो गया था। 26 दिसंबर को सभी ग्राम पंचायत पूर्णतया भंग कर दी गई थी। हालांकि कोरोना काल और परिसीमन की वजह से पंचायत चुनाव कराने में देरी हुई।
रोटेशन आरक्षण व्यवस्था क्या है@#
#@योगी सरकार ने आरक्षण के लिए रोटेशनल सिस्टम लागू किया है। इसके अनुसार अगर एससी, एसटी या फिर ओबीसी की सीट जो 2015 में आरक्षित थीं, वह इस बार आरक्षण के दायरे में नहीं आएंगी। सीटों को आबादी के हिसाब से अलग-अलग कैटिगरी में आरक्षित किया जाएगा@#
#@इस बार के चुनाव में कौन से नए दल उतरेंगे@#
#@इस बार के पंचायत चुनावों में कई नए दलों के प्रत्याशी भी उतरेंगे। आम आदमी पार्टी, शिवसेना और AIMIM ने भी पंचायत चुनाव लड़ने का ऐलान किया है@#
#@इस बार कैसे होगा चुनाव@#
#@इस बार पंचायत चुनाव पेपरलेस कराने की तैयारी है, उम्मीदवारों के नामांकन से लेकर काउंटिंग तक का ब्यौरा ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का ऑनलाइन ब्यौरा भी तैयार हो गया है@#
#@जिलेवार आरक्षण की स्थिति क्या है@#
#@#एससी के लिए आरक्षित जिले- लखनऊ, शामली, बागपत, कौशाम्बी,सीतापुर और हरदोई, कानपुर नगर, औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी ,जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, मीरजापुर- #@ओबीसी :- संभल, हापुड़, एटा, बरेली, कुशीनगर, वाराणसी, बदायूं, आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा, ललितपुर, अंबेडकर नगर ,पीलीभीत ,बस्ती, संतकबीरनगर ,चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर। @#महिला :- कासगंज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मऊ, प्रतापगढ़ ,कन्नौज, हमीरपुर, बहराइच, अमेठी, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र। #@अनारक्षित :- अलीगढ़, हाथरस, आगरा, मथुरा, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या, सुल्तानपुर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, उन्नाव, भदोही@#...
डीपी सिंह चौहान संपादक खोज जारी है न्यूज चैनल हिन्दी दैनिक समाचार पत्र की खास रिपोर्ट...

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