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#हरदोई:- सण्डीला - क्या है हत्याहरण मेले का महात्म्य,क्या है मेले का रहस्य संडीला में हत्या हरण तीर्थ पर मेले का आयोजन श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ शिव पुराण में मिलता है हत्या हरण का जिक्र#


#हरदोई:- सण्डीला - क्या है हत्याहरण मेले का महात्म्य,क्या है मेले का रहस्य#

#संडीला में हत्या हरण तीर्थ पर मेले का आयोजन#

#श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ शिव पुराण में मिलता है हत्या हरण का जिक्र#

#हरदोई:- सण्डीला - संडीला क्षेत्र के अंतर्गत पापों को हरने वाले तीर्थ हत्या हरण जहां पर विशाल मेला लगा सुबह भीड़ का जनसैलाब उमड़ पड़ा श्रद्धालुओं ने तीर्थ के सरोवर में स्नान कर मंदिर में पहुंचकर भगवान पर प्रसाद चढ़ाकर दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। मिली जानकारी के अनुसार संडीला तहसील के क्षेत्र में पौराणिक हत्या हरण तीर्थ स्थल पर भाद्रपद के मास पर प्रत्येक रविवार हत्या हरण तीर्थ स्थल पर स्नान होता है उसके बाद वहां स्थित मंदिरों में भक्तों द्वारा पूजा अर्चना करने के बाद आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।मान्यता है कि भगवान श्रीराम को ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति मिली थी।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम को ब्रह्म हत्या का दोष लगा था तब भगवान श्रीराम ने इस सरोवर में स्नान करके अपने पापों से मुक्ति पाई थी। शिव पुराण में भी वर्णित है कथा शिव पुराण में हत्या हरण तीर्थ के संबंध में पता चला कि सतयुग में एक बार माता पार्वती के साथ शिव शंकर भगवान आरण्या जंगल की खोज में निकले थे नैमिषारण्य में रुके हुए थे तब यहां एक सुंदरवन हुआ करता था भगवान शिव तप करने लगे।माता पार्वती जंगल का भ्रमण करने लगी जब माता पार्वती को प्यास लगी आप यहां पर कहीं दूर दूर तक पानी न था। ऐसी विषम परिस्थितियों में माता पार्वती ने देवताओं से जल लाने का प्रयत्न किया। भगवान सूर्य महाराज कमंडल में जल लेकर उपस्थित हुए जब माता पार्वती जलपान कर रही थी तब उसी समय कमंडल से कुछ बूंदे गिर गई और वहां धीरे-धीरे एक जलकुंड बन गया पार्वती उस स्थान से जाने लगी। भगवान शिव ने उस कुंड का नाम प्रभास्कर रखा था। भगवान शिव ने इस क्षेत्र का नाम प्रभास्कर रखा था त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए स्नान किया था भगवान श्रीराम ने कहा था इस तीर्थ में जो ब्रह्महत्या हत्या के पाप से पीड़ित व्यक्ति स्नान करेगा इस पाप से मुक्त हो जाएगा। तब से आज तक तीर्थ हत्या हरण के नाम से प्रसिद्ध है#

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