#हरदोई:- टड़ियावां- खण्ड प्रेरक पर ही मढ़ दिया गया सारा फर्ज़ीवाड़ा, फर्ज़ी दस्तखत बना कर शौचालय आवंटित कराए जाने का मामला#
#हरदोई:- टड़ियावां- खण्ड प्रेरक पर ही मढ़ दिया गया सारा फर्ज़ीवाड़ा, फर्ज़ी दस्तखत बना कर शौचालय आवंटित कराए जाने का मामला#
#हरदोई: टड़ियावां- प्रधान के फर्ज़ी दस्तखत बना कर शौचालय आवंटित किए जाने का सारा ठीकरा खण्ड प्रेरक के सिर फोड़ते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने का फरमान जारी किया गया है।खण्ड प्रेरक का बस इतना अपराध है कि उसने अपने सीनियर्स के आदेशों का पालन करते हुए फर्ज़ीवाड़ा कर तैयार किए गए मांग पत्रो को फीड किया था। जबकि खेल करने वाले मठाधीश बचा लिए गए#
#टड़ियावां ब्लाक की ग्राम पंचायत गढ़ी के प्रधान रमेश कुमार ने डीएम से शिकायत की थी कि उसके फर्ज़ी दस्तखत बना कर एक दर्जन से अधिक शौचालयों को आवंटित कराया गया है। इस शिकायत पर सख्त हुए डीएम ने बीडीओ को जांच के निर्देश दिए। एडीओ पंचायत की जांच में किया गया फर्ज़ीवाड़ा सही निकला तो खलबली मच गई। इस पर ज़िला पंचायत राज अधिकारी की चिट्ठी पत्रांक -2780/पर.-7/लेखाकार/एसडीएम(10)-2022-23 दिनांक 6-11-2022 में पंचायत सचिव अमित पाण्डेय को खण्ड प्रेरक मुकेश शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। इस तरह जारी हुई सरकारी चिट्ठी में शौचालय आवंटन में किए गए फर्ज़ीवाड़े में अकेले खण्ड प्रेरक को ज़िम्मेदार ठहराए जाने से तमाम तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला तो यह कि शौचालय के मांग पत्र में प्रधान के साथ-साथ सचिव के भी दस्तखत होते हैं। ऐसा ही सही तो फिर सचिव के भी फर्ज़ी दस्तखत बनाए गए ?, फिलहाल लोगों के बीच इस तरह की बातें बड़े ज़ोर-ज़ोर से हो रही है कि मांग पत्र को फीड करने वाले खण्ड प्रेरक को ही अकेले कुसूरवार कैसे ठहराया जा सकता है। जबकि बीडीओ के नीचे और खण्ड प्रेरक के ऊपर और भी ज़िम्मेदार है#
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