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#रायबरेली:- सीएम से लेकर पुलिस तक शिकायत बावजूद गुरुबख्शगंज क्षेत्र मे हरे पेड़ों की कटान पर चुप्पी क्यों, मलिकमऊ कृषि वानिकी सहकारी समिति द्वारा रोपित करके तैयार किये गये हजारों पेड़ धराशायी, थाने से लेकर सीएम पोर्टल तक की गई शिकायत, फिर भी प्रतिबन्धित हरे पेड़ो की कटान जारी#


#रायबरेली:- सीएम से लेकर पुलिस तक शिकायत बावजूद गुरुबख्शगंज क्षेत्र मे हरे पेड़ों की कटान पर चुप्पी क्यों, मलिकमऊ कृषि वानिकी सहकारी समिति द्वारा रोपित करके तैयार किये गये हजारों पेड़ धराशायी, थाने से लेकर सीएम पोर्टल तक की गई शिकायत, फिर भी प्रतिबन्धित हरे पेड़ो की कटान जारी#

#रायबरेली: जहां सरकार लाखों रुपए खर्च करके हरे पेड़ों को लगवाती है वही इन पेड़ों को ऐसे धरा शाही किया जाता है जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते, इस पूरी घटना की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर पुलिस वह संबंधित विभाग को की गई लेकिन विभागों की चुप्पी क्यों है! आखिर मामले में कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है! आखिर हरे पेड़ों को लगातार धराशाही क्यों किया जा रहा है यह सवालों के घेरे में है। ज्ञात हो कि अपनी भूमि का अनुबन्ध करके पचीस वर्ष की लीज़ पर देने वाले दबंग किसान, क्षेत्र मे सक्रिय प्रभावशाली लकड़कटे, वन विभाग के मुलाज़िमों और स्थानीय पुलिस से साँठ-गाँठ करके विगत पन्द्रह दिन से सताँव ब्लाक की मलिकमऊ चौबारा पंचायत क्षेत्र मे सिरसा घाट पर मलिकमऊ कृषि वानिकी सहकारी समिति द्वारा तैयार किये गये बड़े-बड़े प्रतिन्धित हरे पेड़ धराशायी कर रहे हैं, लेकिन अफसोस कि थाने से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत करने के बावजूद यह अवैध कटान नहीं रोकी जा सकी। समिति के सचिव ने एक बार फिर बड़े अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर, हरियाली पर बेधड़क चल रहा आरा बन्द कराने की माँग की है।   मलिकमऊ कृषि वानिकी सहकारी समिति के सचिव रिजवान अहमद ने जिलाधिकारी को सम्बोधित करते हुये, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारियों को जो शिकायती पत्र भेजा है, उसके मुताबिक वर्ष 1998 में इफको इन्डिया लिमिटेड की सहयोगी संस्था इन्डियन फार्म फारेस्ट्री डेवलपमेन्ट कोआपरेटिव (आई एफ एफ डीसी) ने मलिकमऊ कृषि वानिकी सहकारी समिति के माध्यम से सई नदी के सिरसा घाट के किनारे करीब दो सौ बीघे भूमि पर वृहद वृक्षारोपण कराया था। यह दो सौ बीघा जमीन समिति ने भू स्वामियों से पचीस साल की लीज पर ली थी। तय हुआ था कि पच्चीस साल बाद इस भूमि पर तैयार होने वाले पेड़ों का आधा मूल्य किसानो को दिया जायेगा और आधा समिति के हक मे जायेगा। मलिकमऊ सहकारी समिति ने लीज पर ली गई इस भूमि पर अब लाखो पेड़ तैयार किये हैं, जिनमे आम, नीम, महुवा, शीषम, सागौन, पीपल व बरगद जैसे दरख्त शामिल हैं। समिति के सचिव की शिकायत के मुताबिक बीते करीब पन्द्रह दिन से, भूमि लीज पर देने वाले किसान और उनके इशारे पर लकड़कटे, समिति द्वारा तैयार किये गये पेड़ों की अन्धाधुन्ध कटान कर रहे है। शुरुआती दिन सचिव ने विरोध किया तो पुलिस ने सचिव को थाने पर बैठा लिया और देर रात छोड़ा। सचिव की शिकायत के बाद भी जब कोई कार्रवाई नही हुई तो सरे आम अपराध को अंजाम दे रहे लोगों के हौसले और बुलन्द हो गये। एक-एक करके अब तक हजारो दरख्त धराशायी हो चुके है, और कटान बन्द नहीं है। सचिव ने बताया कि थाने से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत होने के बावजूद हरे पेड़ों की कटान न रोका जाना यह साबित करता है कि, पर्यावरण सुरक्षा के लिए वृक्षा रोपण अभियान चलाने वाले लोग भी हरियाली के दुश्मनो का साथ दे रहे हैं। रिजवान ने डीएम से मुलाकात करके शिकायती पत्र दिया, फिर भी हरे पेड़ो की कटान बदस्तूर जारी है#

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