#रायबरेली:- मुकदमे की फाइल खुली और वारंट कटा, सदमे में आकर युवक ने लगा ली फांसी, पुलिस का खौफ या मुकदमे का या फिर जेल जाने का! आखिर क्यों युवक ने लगा ली फांसी#
#रायबरेली:- मुकदमे की फाइल खुली और वारंट कटा, सदमे में आकर युवक ने लगा ली फांसी, पुलिस का खौफ या मुकदमे का या फिर जेल जाने का! आखिर क्यों युवक ने लगा ली फांसी#
#रायबरेली: कहते हैं खौफ भी बड़ी खराब चीज होती है किसी को पुलिस का खौफ तो किसी को मुकदमे का वही किसी को जेल जाने का खौफ होने पर खौफनाक कदम उठा लेते हैं, कुछ ऐसा ही मामला भदोखर थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया जहां आगजनी में जेल गए युवक को बेल पर तो घरवाले छुड़ाकर ले आए लेकिन दोबारा फाइल खुलने पर युवक को फिर से जेल जाने का भय सताने लगा, घर के लोगों ने बताया कि रामदास इस बीच काफी सदमे में था कह रहा था कि हाई कोर्ट जाना पड़ सकता है लेकिन इसी बीच रामदास ने बंद कमरे के अंदर फांसी के फंदे से झूल कर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया#
#ज्ञात हो कि यह पूरा मामला रायबरेली के भदोखर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर कुचरिया गांव का है जहा के निवासी रामदास गौतम पर दो दशक पहले एक आगजनी का मुकदमा दर्ज हुआ था।अभी हाल ही में उसकी सुनवाई शुरू हुई। जिसमे गौतम तीन महीने जेल में भी रहा। जमानत पर बाहर आने के बाद से वह जेल के नाम से डरने लगा।11 जनवरी को उसके नाम वारंट कट गया, जैसे ही उसे इसका पता चला वह परेशान हो गया और पहले तो इधर उधर भागता रहा। अंततः कोई रास्ता उसे नही सुझा तो उसने कमरे के अंदर अंगौछे से बांस के सहारे फांसी लगा कर जान दे दी। जब वह देर तक घर से बाहर नही निकला तो परिजनों ने उसे आवाज दी लेकिन कोई जवाब नही मिला तो शक के आधार पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर मृतक को फंदे से उतारा और मामले की जांच पड़ताल शुरु कर दी#

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