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हरदोई। पाल पुर बैरागी खेड़ा में चल रही 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन

पाल पुर बैरागी खेड़ा में चल रही 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन

हरदोई। खोज जारी है [संवाददाता:- प्रवीण कुमार यादव] जनपद के पाल पुर बैरागी खेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। भागवत कथा में चार वेद, पुराण, गीता एवं श्रीमद् भागवत महापुराण की व्याख्या, प्रभुपाद, पंडित आचार्य श्री सुखदेव जी महाराज के मुखारवृंद से उपस्थित भक्तों ने श्रवण किया। विगत सात दिनों तक भगवान श्री कृष्ण जी के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा किए गए विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के सातवें एवं अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण के सर्वोपरी लीला श्री रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसबध, कुबजा उद्धार, रुक्मणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। पंडित आचार्य श्री सुखदेव जी महाराज द्वारा मनमोहक झांकियों के साथ कृष्ण जन्म का कराया अवलोकन , श्री महाराज जी ने बताया भागवत कथा सुनने से मोक्ष प्राप्त होता है तथा शांति मिलती है,इस दौरान भजन गायन ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। पंडित जी ने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने कहा जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है। समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है, इतिहास इसका साक्षी है। लोगों ने रातभर इस संगीतमयी भागवत कथा का आनंद उठाया। इस सात दिवसीय भागवत कथा में आस-पास गांव के अलावा दूर दराज से काफी संख्या में महिला-पुरूष भक्तों ने इस कथा का आनंद उठाया। सात दिनों तक इस कथा में पुरा वातावरण भक्तिमय रहा। श्री महाराज जी ने बताया सभी को थोड़ा टाइम निकाल कर रात्रि में भगवान का भजन करना चाहिए। श्री महाराज ने बताया भंडारे का प्रसाद सभी क्यों लेना चाहिए। इसके बारे में बताया।

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