भगवान की भक्ति में हैं प्रबल शक्ति : अनूप महाराज
भगवान की भक्ति में हैं प्रबल शक्ति : अनूप महाराज
फर्रुखाबाद। खोज जारी है। [ न्यूज़ एडिटर पीयूष मिश्रा रौनक] जिला फर्रूखाबाद के ग्राम सथरा में प्रारंभ हुई श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस में प्रातः कालीन बेला में कथा पांडाल से बड़े धूमधाम से संथरा, सुभानपुर, रामपुर, जिठौली, पूरनपुर, भरखा, पट्टी भरखा जसुपुर होते हुए कलश यात्रा निकाली गई पतित पावनी मां गंगा से जल भरके कथा पांडाल में घट स्थापित किये गये मध्याह्न कालीन बेला में असलापुर धाम से पधारें सुप्रसिद्ध कथावाचक परम पूज्य अनूप ठाकुर महाराज ने कथा का अमृतपान कराते हुए बताया की ईश्वर की भक्ति में अपार शक्ति हैं श्रीमद् भागवत ग्रंथ सभी ग्रंथों का सार है। जिस प्रकार शहद में असंख्य गुण होते हैं उसी प्रकार श्रीमद् भागवत ग्रंथ में सभी ग्रंथों का सार होने के कारण यह अपने आप में अद्भुत ग्रंथ है। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनोरंजन नही आत्मरंजन का साधन है। श्रीमद्भागवत ही ऐसा ग्रन्थ है जिसमें भगवान श्री कृष्ण की संपूर्ण कथाओं का वर्णन है। इसलिए भगवान की भक्ति करने के लिए श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए ।
इसी के साथ व्यास अनूप ठाकुर महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा नाम महिमा एवं भक्ति ज्ञान वैराग्य कथा के साथ गोकर्ण धुंधकारी की कथा सुनाते हुए कहा कि संत के आशीर्वाद जो संतान हुई उसका पूरा शरीर मनुष्य का था, केवल कान गाय के थे जिसका नाम गोकर्ण रखा गया। एक धुंधली का पुत्र जोकि उसकी बहन का था, का नाम धुंधकारी रखा गया।
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