#हरदोई:- संडीला- बना बंदरों का गड़ अधिकारी बने मूक दर्शक, नगर में दहशत का माहौल,घरों में रखा सामान कर रहे तहस- नहस#
#हरदोई:- संडीला- बना बंदरों का गड़ अधिकारी बने मूक दर्शक, नगर में दहशत का माहौल,घरों में रखा सामान कर रहे तहस- नहस#
#हरदोई: संडीला- नगर में घूम रहे बंदरों के काफिले के आतंक से नगरवासी बुरी तरह तृस्त है।और अब तक कई लोग बंदरों के हमले से घायल हो चुके हैं।तथा दो लोगों की मौत भी हुई है। नगर में बंदरों का आतंक चरम पर है। सुबह का उजाला होते ही सैकड़ों की संख्या में बंदरों के झुंड घरों पर धावा बोल देते हैं और घरों में रखे हुऐ।सामान,कपड़े और खाने पीने की वस्तुओं को उठा ले जाते हैं। बंदर इतने ढीट हो चुके हैं।कि बच्चों की तो कौन कहे पुरुष और महिलाओं के हाथों से भी सामान छीन ले जाते हैं।और ज़रा सा भी प्रतिरोध करने पर यह काट भी लेते हैं। अब तक दर्जनों लोगों को बंदरों ने काटा है।जिसके कारण लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़े हैं। गौरतलब है। कि एंटी रेबीज़ इंजेक्शन की चिकित्सालय में उपलब्धता आवश्यकता से काफ़ी कम है।इस कारण गरीब आदमी के लिए एंटी रेबीज़ इंजेक्शन लगवाना अत्यंत परेशानी का कारण बनता जा रहा है। बंदरों का आतंक इतना अधिक है। कि अब तक नगर में लगभग दो दर्जन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। छत या ऊंचे स्थानों पर अचानक झपट पड़े बंदरों से बचने के लिए कई लोग अपने हाथ पैर तुड़वा चुके हैं।और नगर के मोहल्ला किसान टोला में एक 15 वर्षीय बालिका की बंदर की हमले में छत से गिरकर लगभग एक माह पूर्व मौत हो चुकी है।जबकि मोहल्ला मण्डई में एक अधेड़ महिला बंदरों के हमले से बचने के लिए छत से नीचे गिरकर अपनी जान गवां चुकी है। नगर में खुलेआम घम रहे सैकड़ों बंदरों के आतंक से जहां लोग बुरी तरह परेशान हैं।वहीं इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी मात्र मूक दर्शक बने हुए हैं। हांलांकि जनपद के कई स्थानीय निकायों में आवारा बंदरों को पकड़वा कर जंगलों में छुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की गयी है। लेकिन संडीला में ऐसा होता अभी तक नहीं दिखा। अभी तक जिम्मेदार अधिकारी इस प्रकरण में कुछ कहने से बचते रहे हैं। इस संबंध में प्रतिक्रिया के लिए अधिशासी के मोबाइल नंबर पर संकर्ष किया गया तो उनका मोबाइल आउट ऑफ नेटवर्क एरिया बताता रहा। इसलिए उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी#



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