#हरदोई:- बिलग्राम- राजघाट पर पहुंचने लगे श्रद्धालु, सजने लगी राम नगरिया, प्रशासन द्वारा सड़क,बिजली की व्यवस्था नदारद#
#हरदोई:- बिलग्राम- राजघाट पर पहुंचने लगे श्रद्धालु, सजने लगी राम नगरिया, प्रशासन द्वारा सड़क,बिजली की व्यवस्था नदारद#
#हरदोई: बिलग्राम- कोतवाली क्षेत्र छिबरामऊ स्थित पौराणिक राजघाट गंगातट पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी एक माह का माघ मेला (रामनगरिया) लगने की तैयारिया प्रारम्भ हो गई हैं।संतजन एवम श्रद्धालुजन अपने अपने रहने के स्थान की व्यवस्था के लिए राजघाट पर पहुंच रहे हैं।राजघाट पर एक माह तक सन्त जनो एवम श्रद्धालुओ का प्रवास होता है एवम मेला भी लगता हैं जगह जगह सभी अपनी कुटी मंडला आदि बनाते हैं। जिसमे भजन,कीर्तन एवम रामायण पाठ होता है एवम जगह-जगह भंडारे होते हैं। ऐतिहासिक एवम पौराणिक राजा हर्षवर्धन द्वारा बनाया गया राजघाट लगातार शासन-प्रशासन की उपेक्षा का शिकार रहा है क्योकि इसी राजघाट से 08 कि.मी. दूर मेहदीघाट जनपद कन्नौज पर पक्का घाट बन चुका है तथा जनपद फर्रुखाबाद में पंचालघाट का मेला भी राजकीय मेला घोषित हो चुका है जबकि मल्लावां स्थित बेरियाघाट पर भी शासन द्वारा कार्तिक मेला को राजकीय घोषित कर दिया गया। पक्का घाट न होने के कारण कटरी कछंदऊ की जनता को अत्यंत ही कठिनाई रहती है एवं बाढ़ की आशंका में आशियाना डूबने का भी डर बना रहता है। बिलग्राम, स्थित राजघाट पर अव्यवस्थाओं के कारण अब कई प्रसिद्ध सन्त फर्रुखाबाद स्थित पंचाल घाट का भी रुख करने लगे हैं। पूर्व में नमामि गंगे के जिला संयोजक आकाश तिवारी ने राजघाट को पक्का घाट बनाने के लिए जिला अधिकारी को एक ज्ञापन दिया था। हाल में ही वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक सिंह द्वारा कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सूबे के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल से राजघाट को पक्का घाट बनवाए जाने का अनुरोध किया था जिस पर उन्होंने मुख्यमंत्री जी से बात रखने का आश्वासन दिया था जिसके बाद जिला अधिकारी हरदोई द्वारा शासन को धनराशि की स्वीकृत के लिए एक पत्र लिखा जा चुका है अभी हाल में ही नमामि गंगे के जिला संयोजक आकाश तिवारी द्वारा भी माघ मेले में (राम नगरिया में) बिजली एवं सड़क की व्यवस्था कराए जाने का अनुरोध पत्र लिखकर किया गया था देखने वाली बात होगी कि यह बातें कब तक अमली जामा पहनेगी और क्या इस बार माघ मेला राम नगरिया में व्यवस्थाएं पूर्व की तरह न होकर दुरुस्त होगी.?? क्या मां गंगा ने मुझे बुलाया है का नारा सत्य होगा या पौराणिक राजघाट धीरे-धीरे अपना अस्तित्व होता चला जाएगा#

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