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#सुल्तानपुर:- की बेटी अरीबा नोमान बनीं प्रेरणा की मिसाल/ झांसी में मिली आईपीएस के रूप में तैनाती#


#सुल्तानपुर:- की बेटी अरीबा नोमान बनीं प्रेरणा की मिसाल/ झांसी में मिली आईपीएस के रूप में तैनाती#

#सुल्तानपुर: "शिक्षा ही जगत का शस्त्र है" इस कथन को साकार किया है सुल्तानपुर जिले की होनहार बेटी अरीबा नोमान ने। ट्रेनिंग आईपीएस अरीबा को झांसी जिले में तैनाती मिल गई है। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक घर पहुंची, परिवार, रिश्तेदारों और पूरे जिले में हर्ष की लहर दौड़ गई। खासतौर से बेटियों में इस सफलता को लेकर उत्साह देखने को मिला। अरीबा अब लाखों बहनों के लिए प्रेरणा की जीती-जागती मिसाल बन गई हैं#

#पिता ने दिखाया संकल्प, बेटी ने पूरा किया/ सपना#

#अरीबा के पिता नमन सिद्दीकी, जो नेशनल इंश्योरेंस में अधिकारी हैं, बेटी की इस सफलता पर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा "पैगंबर मुहम्मद (स.अ.व.) ने बेटियों को सम्मान और शिक्षा देने की सीख दी है। यही मेरी प्रेरणा थी। मैंने निश्चय कर लिया था कि मेरी बेटी पढ़ेगी और आगे बढ़ेगी। अरीबा ने मेरी मेहनत और विश्वास को साकार किया है।" उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने दिन-रात एक करके अरीबा की पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाईं और किसी भी मोड़ पर हार नहीं मानी#

#मामा सैफी का सहयोग बना #संबल#

#अरीबा की सफलता में उनके मामा सैफी का भी बड़ा योगदान रहा। उन्होंने कहा- "अरीबा की पढ़ाई के हर पड़ाव में हम साथ रहे। उसकी मेहनत, लगन और जुनून ने हर कठिनाई को पीछे छोड़ दिया। आज वह ट्रेनिंग आईपीएस बनकर झांसी में तैनात हो रही है, यह पूरे परिवार और समाज के लिए गर्व की बात है।" उन्होंने बेटियों की शिक्षा को समाज की प्रगति की कुंजी बताया और हर माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को पढ़ने का पूरा अवसर दें#

#बेटियों के लिए बनीं उम्मीद की- किरण#

#अरीबा नोमान सिर्फ एक अफसर नहीं, बल्कि वह प्रेरणा हैं उन तमाम बेटियों के लिए जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखती हैं। उनकी यह सफलता उन सामाजिक धारणाओं को तोड़ती है जो बेटियों की उड़ान पर सवाल उठाते हैं#

#झांसी:- जिले में खुशी की लहर#

#झांसी में तैनाती की खबर के बाद से सुल्तानपुर में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। स्कूल, मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों में उनकी चर्चा हो रही है। उनके शिक्षकों और साथियों ने भी इस सफलता पर गर्व जताया और कहा कि अरीबा पूरे जिले की शान हैं#

#शैक्षिक: सफर: 10वीं तक पढ़ाई: स्टेला मॉरिस कान्वेंट स्कूल, सुल्तानपुर#

#11वीं-12वीं: दिल्ली: स्नातक: कंप्यूटर साइंस में बीटेक, दिल्ली विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर: समाजशास्त्र में एम.ए. कर रही हैं#

#निष्कर्ष: अरीबा नोमान की कहानी महज एक सफलता की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि आशीर्वाद और अवसर मानती है। उनका संघर्ष, समर्पण और परिवार का विश्वास लाखों बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने की प्रेरणा है#

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