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#हरदोई:- बेनीगंज- कोतवाल पर कोर्ट ने दिया एफआईआर का आदेश#


#हरदोई:- बेनीगंज- कोतवाल पर कोर्ट ने दिया एफआईआर का आदेश#

#जेल भेजनें के बजाय अभियुक्तों को अवैध हिरासत में रखने व न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का मामला#

#हरदोई: जनपद में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और गुमराह करने के मामले में जनपद एवं सत्र न्यायालय-हरदोई ने बेनीगंज थाने के कोतवाल ओम प्रकाश सरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। अपर सिविल जज(जूनियर डिवीजन/कोर्ट संख्या-5) साक्षी चौधरी ने यह निर्देश दिए हैं। घटना में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं#

#पूरा प्रकरण 3 दिसंबर,2025 का है, जब टड़ियावां पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मवेशी चोरों कल्लू और सलमान को गिरफ्तार किया था। पैर में गोली लगने के कारण दोनों को अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने उसी दिन कोर्ट से 15 दिन की रिमांड मांगी थी। न्यायालय ने तब 12 दिन की न्यायिक हिरासत(जेल) की मंजूरी दी थी, जिसके अनुसार आरोपियों को जेल भेजा जाना था। हालांकि, विवेचक बेनीगंज कोतवाल ओपी सरोज आरोपियों को जेल भेजने के बजाय उन्हें अपनी अवैध हिरासत में ही रखे रहे#

#वहीं मामले का खुलासा 15 दिसंबर को हुआ, जब पुलिस दोबारा रिमांड मांगने कोर्ट पहुंच गई। न्यायालय ने तब पूछा कि आरोपी जेल में क्यों नहीं हैं, तो कोतवाल ने पहले जानकारी छिपाने की कोशिश की। बाद में उन्होंने जेल अधीक्षक पर ही मनगढ़ंत आरोप लगाया कि जेल प्रशासन ने घायलों को लेने से मना कर दिया था। हालांकि, जेल अधीक्षक अमन कुमार सिंह की रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से कोतवाल का यह झूठ सामने आ गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि पुलिस आरोपियों को लेकर जेल पहुंची ही नहीं थी#

#अंततः थाना प्रभारी ने अपनी गलती स्वीकार की और फिर तर्क दिया कि वे घायलों की जान बचाने के लिए उन्हें केजीएमयू(लखनऊ) ले गए थे। लेकिन कोर्ट ने इसे प्रक्रिया का उल्लंघन और अवैध हिरासत माना। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने न केवल आरोपियों को अवैध तरीके से अपने पास रखा बल्कि कोर्ट में भी गलत हलफनामा देकर न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया। वहीं न्यायालय के इस आदेश के बाद जनपद के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि किसी कोतवाल पर सीधे न्यायालय द्वारा एफआईआर के आदेश मिलने के बहुत कम ही मामले सामने आए हैं#

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