#हरदोई:- युवा दिवस पर अल्लीपुर डिग्री कॉलेज में हुआ कार्यक्रम#
#हरदोई:- युवा दिवस पर अल्लीपुर डिग्री कॉलेज में हुआ कार्यक्रम#
#स्वामी विवेकानंद के विचारों का परिणिति रूप डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी"मधुपेश" द्वारा स्थापित वृद्धाश्रम हैं जहां नर सेवा ही नारायण सेवा की अभिव्यक्ति है#
#हरदोई: युवा दिवस के अवसर पर डॉ राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय, अल्लीपुर, हरदोई में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रजनन कर स्वामी विवेकानंद एवं सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान के संस्थापक- संरक्षक श्री बाबूराम त्रिवेदी के चित्रों पर पुष्पार्चन कर किया गया। सरस्वती वंदना स्वागत गीत बी.ए. छात्राओं दर्शिका दीक्षित व अंशिका वर्मा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि युवा समाज सेवी सुश्री सविता सिंह ने कहा जब भी विवेकानंद का नाम आता है तो 1993 का विश्व धर्म सम्मेलन याद आता है जब उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत मेरे भाइयों एवं बहनों कहकर की तो पूरा हाल तालियो की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, उन्होंने दुनिया को बताया कि हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति विशाल और समाजसेवी है स्वामी जी युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं उनका मानना था कि युवा ही देश का भविष्य है उन्होंने एक मंत्र दिया जो आज भी हर युवा के रगों में जोश भर देता है उठो जागो तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए#
#कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती आराधना दुबे प्रवक्ता राजकीय पालीटेक्निक, हरदोई ने कहा विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में कोलकाता में हुआ था ये बचपन से ही बहुत जिज्ञासु प्रवृत्ति के थे और सत्य की खोज में लगे रहते थे उनकी यह खोज उन्हें उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस के पास ले गई जहां से उनके आध्यात्मिक सफर की शुरुआत हुई स्वामी जी *नर सेवा को ही नारायण सेवा* मानते थे उन्होंने कहा कि अगर आप ईश्वर की सेवा करना चाहते हैं तो दीन दुखियों की सेवा करें वे एक आधुनिक सन्यासी थे जिन्होंने आध्यात्मिकता को कर्म से जोड़ा और 39 वर्ष की अल्पायु में जो कार्य किया वह हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. शीर्षेन्दु शील "विपिन" संयोजक राष्ट्रीय सेवा योजना ने कहा हम सबको स्वामी विवेकानंद के जीवन से युवाओं सीखना चाहिए । आज हम सभी लोग संकल्प ले कि हम उनके द्वारा बताए हुए साहस ,सेवा , एकाग्रता के मार्ग पर चलेंगे और अपने देश को उन्नति के शिखर पर ले जाएंगे#
#उन्होंने कहा कि संस्थान के संस्थापक प्रबंधक डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी "मधुपेश" के परम पूज्य पिताजी श्री बाबूराम त्रिवेदी का भी जन्म उत्सव आज है उनकी ही प्रेरणा से डॉ. त्रिवेदी जी ने अपना जीवन समाज सेवा के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों का अनुपालन करते हुए दिया। उन्होंने जहां शिक्षा के क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के विद्यालयों की स्थापना की वहीं दूसरी तरफ हरदोई, सीतापुर, कानपुर, झांसी, वृंदावन जैसे स्थानों पर समाज से निराश्रित वृद्धजनों के लिए वृद्धाश्नों की स्थापना के माध्यम से सेवा का कार्य निरंतर कर रहे हैं#
#डॉ. एसके पांडेय विभाग अध्यक्ष बी.एड विभाग ने अतिथियों का आभार विज्ञापन किया। इस अवसर पर एनएसएस के स्वयंसेवक तथा अभिषेक मिश्रा अदीबा, अमन सिंह, अनामिका, अनिकेत राठौर, अंशु कुमार, अनुराग मिश्रा, अनुष्का गुप्ता, दिव्यांशी, गोपाल, हर्ष गुप्ता ,काव्य प्रकाश आदि छात्र एवं छात्राएं एवं डॉ. रश्मि द्विवेदी, डॉ विवेक बाजपेई, सुमन कुशवाहा, पारुल गुप्ता, मेघा गुप्ता, अवंतिका, नीरज, शिवम शुक्ला , संजय श्रीवास्तव, आदि शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे मंच संचालन श्री आनंद विशारद जी ने किया#

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