#हरदोई:- दिल्ली- के सफर पर मौत का रिस्क! बिना परमिट दौड़ रही डबल डेकर बसें#
#हरदोई:- दिल्ली- के सफर पर मौत का रिस्क! बिना परमिट दौड़ रही डबल डेकर बसें#
#हरदोई: जनपद में हर दिन 100 से अधिक डबल देकर बसें सड़कों पर नियमों को रौँदते हुए दौड़ रही है, पर रिश्वत की चादर ने विभागीय अधिकारियों की आँखों पर पट्टी डाल रखी है, यही कारण है कि जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तब ये पट्टी मजबूरन हटाई जाती है। तस्वीरों में दिख रही यह डबल देकर बस जिले के हरियावां थानाक्षेत्र से दिल्ली तक हर दिन दौड़ लगाती है, पर हैरानी वाली बात तो ये है कि इस टूरिस्ट बस का परमिट 17 अप्रैल 2025 को समाप्त हो चुका है। सूत्रों की मानें तो परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से इन डबल देकर बसों का अवैध रूप से संचालन किया जाता है#
#डबल देकर बसों पर लाखों का चालान बकाया#
#जिले के विभिन्न रूट पर ये बसें यातायात नियमों को रौदते हुए चलती हैं, यही कारण हैं कि लगभग सभी बसों पर भारी भरकम चालान हैं, जो कई सालों से नहीं अदा किए गए हैं. कई बसों पर तो 03 लाख से ज्यादा के चालान बकाया हैं, पर सरकारी सिस्टम की रिश्वतखोरी से राजस्व को चूना लगाया जा रहा है, और अपनी जेबों को भरी जा रही हैं#
#यात्रियों को होने वाले नुकसान#
#हरदोई: बिना परमिट वाली इन बसों में न तो यात्रियों का बीमा होता है और न ही सुरक्षा की कोई गारंटी होती है, जिस कारण यात्रियों की जान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों से दिल्ली जाने वाले भोले-भाले यात्री कम किराए या जानकारी के अभाव में इन बसों में सवार होते हैं। जबकि हादसों पर यात्रियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है#
#यात्रियों की जान से खिलवाड़ की खुली छूट#
#अब सवाल ये उठता है कि सड़कों पर चेकिंग के नाम पर छोटे वाहनो का चालान काटने वाले पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को ये विशालकाय डबल डेकर बसें नजर क्यों नहीं आतीं, तो स्पष्ट जवाब है कि डबल देकर बसें संचालित करने वाले माफिया एआरटीओ दफ़्तर, थाने व चौकी में नियमित रिश्वत देते हैं, जिस कारण इन बसों को देखते ही उक्त जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी ऑंखें मूद लेते हैं, और आम यात्रियों की जान को दांव पर लगाने कि खुली छूट देते हैं#

No comments