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#हरदोई:- कछौना- काश! कोई इस गरीब के भी आंसू पोंछ देता#


#हरदोई:- कछौना- काश! कोई इस गरीब के भी आंसू पोंछ देता#

#हरदोई: कछौना- क्षेत्र के ग्राम पहावा में एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने न केवल गरीबी की हकीकत को उजागर किया है, बल्कि उन सरकारी दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें हर जरूरतमंद को पक्की छत देने की बात कही जाती है। तीन सगे भाइयों का यह परिवार वर्षों से कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहा है। तमाम अभावों के बीच घर में खुशियों की दस्तक होने वाली थी। परिवार में गोदभराई का मांगलिक कार्यक्रम तय था। कच्चे घर में भी उम्मीदों की शहनाई गूंज रही थी। रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो चुका था। कपड़े, उपहार और समारोह का सामान जुटाया गया था#

#लेकिन शायद किस्मत को यह खुशियां मंजूर नहीं थीं। गोदभराई के कार्यक्रम के दौरान अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कच्चा मकान आग की लपटों में घिर गया। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक मांगलिक कार्य के लिए जुटाया गया सारा सामान, कपड़े और घरेलू सामग्री जलकर राख हो चुकी थी#

#बताया जा रहा है कि इस हादसे में करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है — यह रकम उस परिवार के लिए किसी पहाड़ से कम नहीं। जिन हाथों में मेहंदी और खुशियों की तैयारी थी, वे अब राख और आंसुओं में डूबे हैं। स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है#

#यह हादसा सिर्फ एक घर की त्रासदी नहीं, बल्कि उन सवालों की गूंज भी है जो आज भी ग्रामीण इलाकों में पक्के मकान और बुनियादी सुविधाओं के दावों की सच्चाई पर खड़े हैं। अब उम्मीद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से है कि वे आगे आकर इस पीड़ित परिवार की मदद करें, ताकि टूटी उम्मीदों के बीच फिर से जीवन की एक नई शुरुआत हो सके। घटना बीते कल कछौना के ग्राम पहावा की है#

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