#हरदोई:- पिहानी- के बागों में महकी आम की बौर, बंपर पैदावार की उम्मीद से बागवान गदगद#
#हरदोई:- पिहानी- के बागों में महकी आम की बौर, बंपर पैदावार की उम्मीद से बागवान गदगद#
#हरदोई: मलिहाबाद के बाद अब हरदोई जनपद का पिहानी क्षेत्र भी अपनी आम की मिठास के लिए तैयार हो रहा है। बसंत की दस्तक के साथ ही क्षेत्र के छोटे-बड़े बागों में आम के पेड़ों पर बौर (फूल) लद गए हैं। फिजाओं में घुली बौर की भीनी-भीनी खुशबू ने बागवानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। इस बार मौसम के अनुकूल रहने से क्षेत्र में आम की बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है#
#मई के अंत तक बाजार में आएगी मिठास#
#पिहानी: क्षेत्र के प्रगतिशील बागवानों का मानना है कि यदि मौसम ने साथ दिया, तो मई के अंतिम सप्ताह या जून के प्रथम सप्ताह से आम की अगेती किस्में बाजार में दस्तक दे देंगी। क्षेत्र में मुख्य रूप से दशहरी, लंगड़ा, चौसा और सफेदा जैसी किस्मों की बहुतायत है। वर्तमान में बौर आने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब 'मटर' के दाने के समान फल बनने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है#
#इन रोगों से बचाएं फसल#
#बौर आने के इस नाजुक समय में सावधानी न बरतने पर फसल को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय मुख्य रूप से दो रोगों का खतरा रहता है:
मधुआ कीट (Hopper): यह कीट बौर का रस चूस लेता है, जिससे फूल सूखकर गिर जाते हैं#
#पाउडरी मिल्ड्यू (Powdery Mildew): इसमें बौर पर सफेद पाउडर जैसा जमाव हो जाता है, जिससे फल नहीं बन पाते#
#उपचार: विशेषज्ञों की सलाह है कि बागवान हल्के कीटनाशक और फफूंदनाशक का छिड़काव करें। साथ ही, नमी बनाए रखने के लिए हल्का पानी दें, लेकिन जलभराव न होने दें#
#लागत और #मुनाफे का गणित#
#एक एकड़ के बाग की देखभाल, जुताई, सिंचाई और दवाओं पर सालाना लगभग ₹20,000 से ₹30,000 तक की लागत आती है। यदि फसल अच्छी रही, तो प्रति एकड़ ₹80,000 से ₹1.5 लाख तक का मुनाफा होने की संभावना रहती है। इस बार बौर की स्थिति को देखते हुए व्यापारी अभी से बागों की 'दलाली' और एडवांस बुकिंग के लिए पहुंचने लगे हैं#
#हरदोई: पिहानी- और आसपास के क्षेत्रों में इस बार आम की फसल के लिए मौसम काफी अनुकूल है। बागवानों को सलाह दी गई है कि वे कीटों से बचाव के लिए उचित दवा का प्रयोग करें। विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही है ताकि किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। इस बार रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है#

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