Breaking News

#नोएडा:- उद्यमी देंगे बढ़ा हुआ वेतन परंतु श्रमिकों को भड़कने से बचाने के लिए बरती जा रही है अतिरिक्त सतर्कता#


#नोएडा:- उद्यमी देंगे बढ़ा हुआ वेतन परंतु श्रमिकों को भड़कने से बचाने के लिए बरती जा रही है अतिरिक्त सतर्कता#

#नोएडा: में पिछले महीने हुई औद्योगिक अशांति को शांति बहाली में बदलने के प्रयास तीसरे चरण में पहुंच गए हैं। पहले चरण में सरकार ने महज कुछ घंटों में न्यूनतम वेतन में वृद्धि कर श्रमिक विरोध की अग्नि को ठंडा करने का सफल प्रयास किया था। दूसरे चरण में प्रशासन और पुलिस ने श्रमिकों और उद्यमियों के बीच विश्वास बहाली का वातावरण तैयार किया। अब तीसरे चरण में कल सात तारीख से बढ़े हुए वेतन के भुगतान का दौर शुरू होगा। इस दौर की सफलता सरकार द्वारा वेतन वृद्धि की घोषणा को उद्यमियों द्वारा पालन करने तथा श्रमिकों द्वारा इस वेतन वृद्धि को स्वीकार करने पर टिकी है। हालांकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस द्वारा जहां श्रमिक बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च जैसी कार्रवाई की जा रही है वहीं प्रशासन अपने स्तर पर उद्यमियों से दस मई तक हर हाल में बढ़े हुए वेतन के भुगतान के लिए सहमति बना रहा है#

#नोएडा समेत जनपद गौतमबुद्धनगर के सभी औद्योगिक इकाइ संचालक दो दिन बाद से अपने यहां कार्यरत श्रमिकों को सरकार द्वारा की गई वृद्धि के साथ वेतन भुगतान शुरू कर देंगे। इसके बावजूद ट्रेड यूनियनों द्वारा वेतन वृद्धि को कम बताकर श्रमिक असंतोष को उभारने के प्रयासों के चलते पुलिस प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है जिसके तहत श्रमिक बहुल इलाकों में पुलिस फ्लैग मार्च जैसी कार्रवाई की जा रही हैं#

#गत 13 अप्रैल को नोएडा में हिंसक श्रमिक आंदोलन के बाद औद्योगिक इकाइयों में स्थिति लगभग सामान्य हो गई है। जिला प्रशासन और कमिश्नरेट पुलिस ने श्रमिकों और उद्यमियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर दोनों पक्षों के बीच समन्वय बनाने में सफलता प्राप्त की। एक मई को श्रमिक दिवस पर जिला प्रशासन ने जहां दो सौ से अधिक स्थानों पर श्रमिकों को समर्पित स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सा शिविर लगवाए वहीं पुलिस ने सभी औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों पुलिसकर्मी तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखी। अब बारी श्रमिकों को सात मई से बंटने वाले वेतन की है। नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि सभी उद्यमी सरकार द्वारा बढ़ाए गए वेतन का भुगतान करने को सहर्ष तैयार हैं। उन्होंने कहा#

#कि श्रमिक उद्योगों के पूरक हिस्से हैं जिन्हें ज्यादा वेतन देने से किसी को भी आपत्ति नहीं है। इसके बावजूद कुछ ट्रेड यूनियन इस वेतन वृद्धि को कमतर बताकर श्रमिकों को भड़काने का प्रयास कर रही बताई गई हैं। बताया गया है कि अप्रैल में हुए श्रमिक आंदोलन की इन ट्रेड यूनियनों को कानों-कान खबर नहीं थी। आंदोलन से इन यूनियनों की न केवल पोल खुल गई है बल्कि इनके श्रमिकों के नेतृत्व की जमीन भी खिसक गई है। अपनी खिसकी हुई जमीन वापस पाने के लिए इनके द्वारा सरकार द्वारा की गई वेतन वृद्धि को कमतर बताकर श्रमिकों के बीच असंतोष पैदा किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन इस बात से भलीभांति अवगत बताया गया है।इसी के दृष्टिगत न केवल ट्रेड यूनियन नेताओं के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है बल्कि श्रमिक बहुल इलाकों में भी खुफिया जानकारी एकत्र की जा रही है। फिर से श्रमिक उग्र न हो जाएं, इसके लिए श्रमिक बहुल क्षेत्रों में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च जैसी कार्रवाई की जा रही हैं। मंगलवार को कमिश्नरेट पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ कुलेसरा में फ्लैग मार्च किया। बताया गया है कि आगामी 10 भी तक इसी प्रकार पुलिस मूवमेंट बना रहेगा#

No comments