#हरदोई:- बारात में दंगा और फायरिंग का आरोप, के बाद पुलिस की कहानी पर उठे सवाल#
#हरदोई:- बारात में दंगा और फायरिंग का आरोप, के बाद पुलिस की कहानी पर उठे सवाल#
#हरदोई: संडीला- कोतवाली क्षेत्र के बिराहिमपुर गांव में 27 जून की रात एक शादी समारोह उस समय हिंसा में बदल गया, जब बारात के दौरान दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और फायरिंग भी हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथों में रिवाल्वर लेकर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित पक्ष के मुताबिक इस हमले में कई लोग घायल हुए, जबकि बरातियों की एक कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और शादी समारोह में दहशत का माहौल बन गया#
#पीड़ितों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस देर से मौके पर पहुंची। साथ ही आरोप लगाया गया कि ग्राम प्रधान के दबाव में दरोगा ने दबाव बनाकर अपनी मर्जी से हल्की धाराओं में तहरीर लिखवाई, जिसमें न तो फायरिंग का उल्लेख किया गया और न ही घायलों की गंभीर स्थिति को दर्शाया गया। आरोप है कि इसी कारण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई और प्रभावी कार्रवाई भी नहीं की गई#
#पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने मामले की वास्तविक गंभीरता अपने उच्चाधिकारियों से छिपाई और भ्रामक जानकारी दी। जबकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो घटना की गंभीरता और हथियारों के खुले इस्तेमाल की ओर इशारा कर रहा है। यदि वायरल वीडियो और पीड़ित पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सवाल यह उठता है कि आखिर फायरिंग जैसे गंभीर आरोपों को तहरीर में शामिल क्यों नहीं किया गया? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी या घटना की सच्चाई पर पर्दा डाल दिया जाएगा#
#रिपोर्ट: H.Shyam Bajpai
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