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#हरदोई:- बेनीगंज- में मुहर्रम पर निकला ताजिया जुलूस, छुरी का मातम कर याद की गई इमाम हुसैन की शहादत#


#हरदोई:- बेनीगंज- में मुहर्रम पर निकला ताजिया जुलूस, छुरी का मातम कर याद की गई इमाम हुसैन की शहादत#

#हरदोई: बेनीगंज- में मुहर्रम की 10वीं तारीख आशूरा के अवसर पर शुक्रवार दोपहर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में अकीदत, गम और मातम के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शिया एवं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पारंपरिक मातमी रस्में निभाईं और छुरी का मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और “या हुसैन” की सदाओं के बीच पूरा माहौल गमगीन बना रहा#

#मुहर्रम के अवसर पर नगर के विभिन्न मोहल्लों में कई दिनों से ताजियादारी की तैयारियां चल रही थीं। धार्मिक परंपरा के अनुसार आकर्षक ताजिए तैयार किए गए, जिन्हें आशूरा के दिन जुलूस के रूप में निकालकर कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ताजियों को इराक स्थित हजरत इमाम हुसैन की दरगाह की प्रतीकात्मक प्रतिकृति माना जाता है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, हजरत इमाम हुसैन पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे थे, जिन्होंने कर्बला के मैदान में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ते हुए अपने साथियों सहित शहादत दी थी। उनकी कुर्बानी को सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए दी गई सर्वोच्च शहादत माना जाता है। इसी कारण मुहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा के रूप में मनाया जाता है#

#जुलूस का प्रारंभ नई बस्ती स्थित पंचायती चौक से हुआ, जहां से मातमी धुनों और धार्मिक नारों के बीच ताजियों को नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पश्चिम महादेव पुरवा कर्बला स्थित तालाब की ओर ले जाया गया। जुलूस के दौरान युवाओं और अकीदतमंदों ने छुरी का मातम कर अपने दुख और श्रद्धा का इजहार किया। खबर लिखे जाने तक ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक करने की प्रक्रिया जारी थी#

#पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी और अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए थे, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। मौके पर नायब तहसीलदार कोथावां संतोष कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल अनुपम राठौर, नगर पंचायत कर्मी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस प्रशासन ने जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित किया गया#

#मुहर्रम के इस अवसर पर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। नगर के तमाम समाजसेवियों एवं स्थानीय लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के लिए शरबत और पेयजल की व्यवस्था की। लोगों ने शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए मुहर्रम के संदेश- सत्य, इंसाफ और इंसानियत- को याद किया#

#नगर में मुहर्रम के धार्मिक आयोजनों के बीच पूरे दिन श्रद्धा, अनुशासन और गम का माहौल बना रहा तथा प्रशासनिक सतर्कता के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ#

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