#नोएडा:- प्राधिकरण- दीपक तले अंधेरा, सुरक्षा गार्डों को नहीं मिल रहा है न्यूनतम वेतन#
#नोएडा:- प्राधिकरण- दीपक तले अंधेरा, सुरक्षा गार्डों को नहीं मिल रहा है न्यूनतम वेतन#
नोएडा: गभग चार महीने पहले देश दुनिया का ध्यान आकर्षित करने वाले नोएडा श्रमिक आंदोलन के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तत्काल और सख्ती से लागू किए गए न्यूनतम वेतन की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या यह वास्तव में लागू किया गया या केवल आंदोलन शांत करने के लिए महज एक लॉलीपॉप था#
#नेक दृष्टि द्वारा आज नोएडा प्राधिकरण में तैनात सुरक्षा गार्डों से उन्हें मिल रहे वेतन की मालूमात की गई।इन सुरक्षा गार्डों की संख्या लगभग आधा सैकड़ा है। इनकी नियुक्ति प्राधिकरण द्वारा अनुबंधित एक सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से की जाती है।छाती पर सिक्योरिटी एजेंसी का तमगा लगाए ये गार्ड प्राधिकरण के मुख्य द्वार से लेकर बेसमेंट पार्किंग, लिफ्ट और अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर अपनी ड्यूटी निभाते दिखाई देते हैं। पूछने पर इन गार्डों ने बताया कि उन्हें सिक्योरिटी एजेंसी संचालक मात्र ग्यारह हजार रुपए प्रति माह वेतन देता है। इनसे आठ घंटे ड्यूटी कराई जाती है। यहां यह बताना आवश्यक नहीं है कि सिक्योरिटी एजेंसी द्वारा गार्डों के साथ किस प्रकार का दुर्व्यवहार किया जाता है। मसलन एजेंसी के तमगे वाली ड्रेस उनके अपने पैसे से खरीदी गई होती है। उनकी गलतियों पर सख्त निगरानी की जाती है ताकि वेतन में कटौती की जा सके। गत अप्रैल माह में नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल श्रमिकों को न्यूनतम वेतन तथा दुगनी दर से अतिरिक्त श्रम समय का भुगतान करने की व्यवस्था लागू की थी। आंदोलन करने वाले श्रमिकों और दंगाइयों के विरुद्ध कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई अभी भी जारी है। पुलिस ने उनके सुनियोजित दंगा कराने की परत-दर-परत उधेड़ कर रख दी थी। दंगा शांत हुआ तो न्यूनतम वेतन की बात भी कहीं धुंधली हो गई। गार्ड सरीखे अकुशल श्रमिकों को ₹13690/- न्यूनतम वेतन देने का शासनादेश धरा रह गया है। सरकार के एक उपक्रम नोएडा प्राधिकरण में ही यह व्यवस्था धूल खा रही है#

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