#हरदोई:- गोपामऊ- विधानसभा क्या इस बार राजेश्वरी बदलेगी सियासी समीकरण या श्याम प्रकाश लगाएंगे जीत की हैट्रिक#
#हरदोई:- गोपामऊ- विधानसभा क्या इस बार राजेश्वरी बदलेगी सियासी समीकरण या श्याम प्रकाश लगाएंगे जीत की हैट्रिक#
#श्याम- प्रकाश बनाम राजेश्वरी- भाजपा- बनाम- सपा#
#गोपामऊ विधानसभा के दोबारा अस्तित्व में आने के बाद हुए पहले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के श्याम प्रकाश ने पहली बार इस सीट पर सपा का परचम लहराते हुए जीत दर्ज की थी। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की अनीता वर्मा को कड़े मुकाबले में हराया था#
#इसके बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले श्याम प्रकाश ने दल बदलकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा प्रत्याशी के रूप में उन्होंने समाजवादी पार्टी की राजेश्वरी देवी को 30 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर लगातार दूसरी बार इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत की#
#वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में राजेश्वरी देवी ने पहले की तुलना में लगभग 30 हजार अधिक वोट हासिल किए और मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया। हालांकि, कड़ी टक्कर के बावजूद उन्हें करीब 8 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा#
#अब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गोपामऊ की राजनीति फिर चर्चा में है। एक ओर सरकार की विभिन्न नीतियों को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है, वहीं राजेश्वरी देवी भी पहले की अपेक्षा अधिक सक्रिय दिखाई दे रही हैं। लगातार जनसंपर्क, क्षेत्रीय कार्यक्रमों और जनता के बीच अपनी मौजूदगी के जरिए वह अपने जनाधार को मजबूत करने में जुटी हैं#
#समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर फूलचंद्र वर्मा भी दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी की पहली पसंद अभी भी राजेश्वरी देवी हो सकती हैं। यदि उन्हें टिकट मिलता है तो वह लगातार दो चुनावों की हार का सिलसिला तोड़कर गोपामऊ सीट को दोबारा समाजवादी पार्टी की झोली में डालने का प्रयास करेंगी#
#दूसरी ओर भाजपा के श्याम प्रकाश लगातार तीसरी जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतर सकते हैं। श्याम प्रकाश को क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक रणनीतिकार माना जाता है, जबकि राजेश्वरी देवी अपनी सादगी और जनसंपर्क शैली के कारण अलग पहचान रखती हैं। इसके अलावा वह पूर्व विधायक रह चुकी हैं और उनके पुत्र भी ब्लॉक प्रमुख का दायित्व निभा चुके हैं, जिसका प्रभाव उनके राजनीतिक आधार पर देखने को मिल सकता है#
#ऐसे में गोपामऊ विधानसभा का आगामी चुनाव दिलचस्प होने की पूरी संभावना है। हालांकि अंतिम फैसला क्षेत्र की जनता करेगी और चुनावी परिणाम कई स्थानीय, राजनीतिक तथा संगठनात्मक कारकों पर निर्भर करेगा#

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