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#हरदोई:- भक्ति और शिक्षा के संगम का साक्षी बना उमरारी, स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती शिशु मंदिर का हुआ भूमि पूजन#


#हरदोई:- भक्ति और शिक्षा के संगम का साक्षी बना उमरारी, स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती शिशु मंदिर का हुआ भूमि पूजन#

#हरदोई: जनपद हरदोई के कोथावां विकासखंड अंतर्गत ग्राम उमरारी रविवार को भक्ति, संस्कार और शिक्षा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। यहां नैमिषारण्य के परम पूज्य भू-लोकवासी स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की पावन स्मृति में स्थापित होने जा रहे स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती शिशु मंदिर का वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ#

#कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे परम पूज्य स्वामी शाश्वतानंद जी महाराज ने अपने पूज्य गुरु स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आदर्शों को स्मरण करते हुए भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण का आधार होती है। गुरु परंपरा के आदर्शों पर आधारित यह विद्यालय आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा#

#भूमि पूजन के दौरान उपस्थित आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। पूरे वातावरण में गूंजते वैदिक मंत्रों ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर गुरु परंपरा को नमन किया और विद्यालय निर्माण के सफल एवं शीघ्र पूर्ण होने की कामना की#

#विद्यालय के प्रबंधक एवं समाजसेवी महेंद्र प्रताप सिंह 'रानू' ने अपनी धर्मपत्नी के साथ विधिवत पूजा-अर्चना में भाग लिया। उन्होंने स्वामी शाश्वतानंद जी महाराज का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रद्धापूर्वक दक्षिणा अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन का ज्ञान प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में आदर्श नागरिक बन सकें#

#कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु, विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा सैकड़ों नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और श्रद्धालुओं की भक्ति भावना ने समारोह को यादगार बना दिया#

#पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण, वैदिक परंपराओं का अनुपालन और शिक्षा के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती शिशु मंदिर भविष्य में क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य का केंद्र बनेगा तथा समाज में शिक्षा और आध्यात्मिक चेतना का नया प्रकाश फैलाएगा#

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