#हरदोई:- सदर में मतदाता सूची पर फिर उठे सवाल, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष सिंह सोमवंशी ने नितिन अग्रवाल पर साधा निशाना, संदिग्ध वोटों की जांच की माग#
#हरदोई:- सदर में मतदाता सूची पर फिर उठे सवाल, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष सिंह सोमवंशी ने नितिन अग्रवाल पर साधा निशाना, संदिग्ध वोटों की जांच की माग#
#हरदोई: सदर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष सिंह सोमवंशी ने भाजपा विधायक एवं आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची में बड़ी संख्या में कथित रूप से संदिग्ध वोट शामिल किए जाने का आरोप लगाया है#
#आशीष सिंह सोमवंशी के मुताबिक, हरदोई शहर में कुल 26 वार्ड और करीब 144 मतदान केंद्र हैं। उनका दावा है कि इनमें कई बूथों पर बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता दर्ज हैं, जिनके नाम और विवरण को लेकर सत्यापन की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि करीब पांच बूथों पर 500 से 600 संदिग्ध मतों का अंतर सामने आता है और इसी आधार पर शहर में लगभग 28 से 30 बूथों के बराबर कथित फर्जी वोट होने का आरोप लगाया#
#पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इन कथित वोटों का चुनावी प्रभाव सदर विधानसभा क्षेत्र के परिणामों पर पड़ता है और इसी वजह से शहर से करीब 15 हजार वोटों की बढ़त मिलने की स्थिति बनती है#
#उन्होंने अपने पूर्व में दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा, “हमने तो पहले ही कहा था कि वोट चोरी की दम पर ही चुनाव जीत रहे हैं माननीय... पहले ही कहा था कि चौकीदार ही चोर है#
#हालांकि, मतदाता सूची में कथित फर्जी या संदिग्ध वोटों से जुड़े ये आंकड़े और आरोप पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष के दावे पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों अथवा भाजपा विधायक नितिन अग्रवाल की इस आरोप को लेकर प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है#
#सितंबर 2025 में भी उठे थे सवाल#
#गौरतलब है कि सितंबर 2025 में भी हरदोई शहर की मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष सिंह ने सवाल उठाए थे। उस समय प्रशासन की ओर से मामले की जांच और मतदाता सूची के सत्यापन की बात कही गई थी। एसडीएम सदर ने कहा था कि सत्यापन में गलत पाए जाने वाले नामों को नियमानुसार निरस्त किया जाएगा#
#अब एक बार फिर मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोपों ने हरदोई सदर विधानसभा क्षेत्र की चुनावी राजनीति में बहस तेज कर दी है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूची के सत्यापन और आरोपों की जांच को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर निगाहें टिकी हैं#

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